काठमांडू,अंग भारत। नेपाल आने और नेपाल से बाहर जाने वाले लोगों के लिए नेपाल राष्ट्र बैंक ने विदेशी मुद्रा और भारतीय नोटों के लेन-देन से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब आप नेपाल यात्रा के दौरान अपने पास बिना किसी कागजी औपचारिकता के अधिकतम 5,000 अमेरिकी डॉलर मूल्य की विदेशी मुद्रा नकद रख सकते हैं। इससे अधिक राशि होने पर बॉर्डर या एयरपोर्ट पर सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग को घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा। वहीं, भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों के लिए भारतीय मुद्रा के रूप में अधिकतम 25,000 रुपये नकद लाने या ले जाने की छूट दी गई है, जिसमें केवल विशेष मूल्य वर्ग के नोट ही मान्य होंगे। इस नियम का मुख्य उद्देश्य अवैध पैसों के लेन-देन पर लगाम लगाना और सीमा सुरक्षा को मजबूत करना है।
नियमों का कानूनी आधार
नेपाल राष्ट्र बैंक ने साफ किया है कि नकदी के संबंध में यह कठोर व्यवस्था ‘विदेशी विनिमय अधिनियम’ और ‘संपत्ति शुद्धीकरण (मनी लॉन्ड्रिंग) निवारण अधिनियम’ के तहत लागू की गई है। मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क को तोड़ने के लिए समय-समय पर केंद्रीय बैंक ऐसे कदम उठाता रहा है। इससे पहले केंद्रीय बैंक ने 16 जुलाई, 2018 और 9 अप्रैल, 2019 को भी इसी तरह की सीमाएं तय की थीं, जिन्हें अब फिर से नए सिरे से स्पष्ट और कड़ा कर दिया गया है। अगर आप बिना घोषित किए तय सीमा से अधिक नकदी के साथ पकड़े जाते हैं, तो आपकी पूरी राशि जब्त की जा सकती है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
भारतीय नोटों की सीमा
यदि आप भारत से नेपाल जा रहे हैं, तो पैसों की सीमा को लेकर बहुत सावधान रहने की जरूरत है। नेपाल राष्ट्र बैंक के अनुसार, कोई भी भारतीय या नेपाली नागरिक अपने पास केवल 25,000 भारतीय रुपये तक की नकदी रख सकता है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। नोटों के मूल्यवर्ग (Denominations) को लेकर भी कड़े नियम हैं जो हर यात्री को पता होने चाहिए।
वैध और अवैध नोट
भारत में साल 2016 में हुई नोटबंदी के बाद के नियमों को नेपाल में भी सख्ती से लागू किया गया है। आप नेपाल में केवल 200 रुपये और 500 रुपये के नए नोट ही ले जा सकते हैं, जो 9 नवंबर, 2016 के बाद जारी किए गए हैं। इसके विपरीत, नोटबंदी से पहले के पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को साथ रखना या उनसे लेन-देन करना नेपाल में पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अगर आपके पास पुराने नोट मिलते हैं, तो इसे एक गंभीर वित्तीय अपराध माना जाएगा।
तीसरे देश की पाबंदी
केंद्रीय बैंक ने एक और साफ बात कही है जो अक्सर लोग भूल जाते हैं। नेपाली नागरिक भारत के अलावा दुनिया के किसी अन्य देश में भारतीय रुपये न तो ले जा सकते हैं और न ही किसी अन्य देश से भारतीय रुपये नेपाल वापस ला सकते हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि भारतीय रुपये का इस्तेमाल केवल भारत और नेपाल के बीच सीधे तौर पर आने-जाने वाले लोगों के लिए ही सीमित रहेगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई नेपाली नागरिक दुबई या कतर जा रहा है, तो वह अपने साथ भारतीय मुद्रा नहीं रख सकता।
कस्टम घोषणा का नियम
अगर आपके पास 5,000 अमेरिकी डॉलर या इसके बराबर की कोई अन्य विदेशी मुद्रा (जिसकी विनिमय दर नेपाल राष्ट्र बैंक प्रकाशित नहीं करता) है, तो आपको कस्टम गेट पर इसकी घोषणा करनी होगी। इसके लिए वहां उपलब्ध एक फॉर्म भरना होता है। इस फॉर्म को कस्टम अधिकारियों द्वारा सत्यापित (Verify) किया जाता है। यह सत्यापन इस बात का प्रमाण होता है कि आपके पास मौजूद पैसा वैध स्रोतों से आया है और आप इसे कानूनी तरीके से देश में लाए हैं।
करेंसी लिमिट गाइड
नीचे दी गई तालिका से आप नेपाल यात्रा के दौरान विदेशी और भारतीय मुद्रा की सीमाओं को आसानी से समझ सकते हैं:
| मुद्रा का प्रकार | अधिकतम नकदी सीमा | कस्टम घोषणा की जरूरत |
|---|---|---|
| अमेरिकी डॉलर (या समकक्ष अन्य विदेशी मुद्रा) | $5,000 USD तक | नहीं (इससे अधिक होने पर अनिवार्य घोषणा) |
| भारतीय रुपये (INR) – नए नोट | ₹25,000 INR तक | नहीं (₹200 और ₹500 के नए नोटों पर लागू) |
| पुराने भारतीय नोट (₹500 और ₹1000) | पूरी तरह प्रतिबंधित | लाना या ले जाना गैरकानूनी है |
यात्रियों के लिए सुझाव
नेपाल जाने से पहले अपनी जेब और बैग की अच्छे से जांच कर लें। बहुत से भारतीय पर्यटक अक्सर अनजाने में 25,000 रुपये से ज्यादा की नकदी या पुराने भारतीय नोट साथ रख लेते हैं, जिससे उन्हें नेपाल सीमा पर जांच के दौरान बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऑनलाइन पेमेंट विकल्पों, कार्ड्स या ट्रैवलर चेक का इस्तेमाल करना एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प हो सकता है। यदि आपके पास तय सीमा से अधिक नकद है, तो उसे सीमा पार करने से पहले ही वैध एक्सचेंज काउंटरों से बदलवा लें या फिर कस्टम विभाग को इसकी सही जानकारी देकर वैध दस्तावेज हासिल करें।







