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अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की मंगल आरती में शामिल हुए अमित शाह, परिवार संग किए दर्शन-पूजन

अहमदाबाद के प्रसिद्ध मंदिर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा परिवार के साथ की गई भगवान जगन्नाथ की भव्य मंगल आरती और विशेष पूजा-अर्चना का दृश्य

अहमदाबाद,अंग भारत। गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की 149वीं ऐतिहासिक रथयात्रा से पहले भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने परिवार के साथ प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर पहुंचे और मंगल आरती में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन-पूजन किए। इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

रथयात्रा से पहले मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

आषाढ़ी बीज के पावन अवसर पर सुबह से ही जगन्नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। रथयात्रा शुरू होने से पहले विशेष पूजा-अर्चना और मंगल आरती का आयोजन किया गया। इसी दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह परिवार सहित मंदिर पहुंचे और पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और “जय जगन्नाथ” के जयघोष से माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।

देश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

अमित शाह ने भगवान जगन्नाथ के समक्ष देश और गुजरात की उन्नति, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र का आशीर्वाद लेकर रथयात्रा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन की कामना भी की।इस अवसर पर जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीपदासजी, कई संत-महंत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर प्रशासन ने पारंपरिक तरीके से अतिथियों का स्वागत किया।

गुजरात की आस्था का बड़ा केंद्र है अहमदाबाद की रथयात्रा

अहमदाबाद की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा पूरे गुजरात के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिनी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल होते हैं। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा भव्य रथों पर सवार होकर नगर भ्रमण करते हैं और श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं।रथयात्रा के दौरान पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं और विभिन्न सामाजिक तथा धार्मिक संगठन श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहते हैं।

क्या है आषाढ़ी बीज का महत्व

आषाढ़ी बीज का पर्व विशेष रूप से गुजरात के कच्छ क्षेत्र में नए साल की शुरुआत के रूप में मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को पड़ता है। इसे कच्छी समुदाय का नववर्ष भी माना जाता है।इस दिन किसान अच्छी बारिश और बेहतर फसल की कामना करते हैं। परंपरा के अनुसार मौसम और हवा की दिशा देखकर आने वाले समय की वर्षा का अनुमान भी लगाया जाता है। यह पर्व कृषि, प्रकृति और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का उत्सव

आषाढ़ी बीज के अवसर पर लोग पारंपरिक व्यंजन बनाते हैं, धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं और अपने परिवार व रिश्तेदारों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हैं। यही दिन अहमदाबाद की ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का भी शुभारंभ माना जाता है, जिसमें हर वर्ग और हर समुदाय के लोग बड़ी श्रद्धा के साथ शामिल होते हैं।भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा यह आयोजन हर साल गुजरात की धार्मिक पहचान को और मजबूत करता है तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहता है।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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