नई दिल्ली,अंग भारत। संसद के आगामी मानसून सत्र और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठन में संभावित बदलावों को लेकर प्रधानमंत्री आवास पर बुधवार देर रात शीर्ष नेतृत्व की महत्वपूर्ण बैठक हुई। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में संसद की रणनीति से लेकर संगठनात्मक बदलाव, संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और चुनावी राज्यों की तैयारियों जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि बैठक को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसे आने वाले दिनों की राजनीतिक दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री सहित शीर्ष नेतृत्व रहा मौजूद
सूत्रों के मुताबिक बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में सरकार और संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।राजनीतिक हलकों में इस बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से लगातार अलग-अलग स्तर पर बैठकों का दौर चल रहा था। बुधवार रात हुई बैठक को उन सभी चर्चाओं का अंतिम और निर्णायक चरण माना जा रहा है।
मानसून सत्र की रणनीति पर हुआ मंथन
बैठक में सबसे पहले 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र की तैयारियों की समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार विपक्ष की ओर से उठाए जा सकने वाले मुद्दों, सरकार की विधायी प्राथमिकताओं और संसद के भीतर बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।सरकार चाहती है कि सत्र के दौरान प्रमुख विधेयकों और नीतिगत फैसलों को प्रभावी तरीके से सदन में रखा जाए। साथ ही विपक्ष के सवालों और हमलों का तथ्यात्मक और राजनीतिक स्तर पर मजबूती से जवाब देने की रणनीति पर भी विचार किया गया।
भाजपा की नई टीम को लेकर भी चर्चा
बैठक का दूसरा बड़ा मुद्दा भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में संभावित बदलाव रहा। हाल ही में राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व संभालने वाले नितिन नवीन के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय टीम के गठन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई।सूत्रों के मुताबिक संगठन में विभिन्न पदों पर नई जिम्मेदारियां तय करने, राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाने और चुनावी राज्यों के लिए विशेष रणनीति तैयार करने जैसे विषयों पर भी मंथन हुआ।
मंत्रिमंडल में फेरबदल पर भी चर्चा की अटकलें
सूत्रों का कहना है कि बैठक में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल पर भी विचार किया गया। किन मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सकता है, किन नए चेहरों को सरकार में जिम्मेदारी दी जा सकती है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दलों को किस तरह प्रतिनिधित्व दिया जाए, इस पर भी चर्चा हुई।हालांकि इन चर्चाओं को लेकर सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
चुनावी राज्यों की तैयारियों की भी हुई समीक्षा
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव वाले राज्यों की राजनीतिक स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी संगठन की तैयारियों, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता, प्रचार अभियान, सहयोगी दलों के साथ तालमेल और स्थानीय मुद्दों पर रणनीति तैयार करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।भाजपा नेतृत्व का फोकस चुनावी राज्यों में संगठन को और मजबूत बनाने और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ बढ़ाने पर बताया जा रहा है।
पिछले कई दिनों से चल रहा था बैठकों का दौर
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक से पहले भी कई दौर की अहम बैठकें हो चुकी थीं। इनमें प्रधानमंत्री आवास, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास और गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर हुई बैठकों में सरकार और संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई थी।इन बैठकों में वरिष्ठ मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों और संगठन के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। माना जा रहा है कि इन्हीं बैठकों के निष्कर्षों को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार रात प्रधानमंत्री आवास पर यह उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक आने वाले दिनों में भाजपा और केंद्र सरकार की रणनीति की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। हालांकि संगठन में बदलाव, नई टीम के गठन या मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में अब सभी की नजर भाजपा नेतृत्व के अगले फैसलों और आगामी घोषणाओं पर टिकी हुई है।







