चेन्नई,अंग भारत। तमिलगा वेत्रि कड़गम (टीवीके) सरकार की दूसरी मंत्रिमंडल बैठक में मुख्यमंत्री विजय ने अपने मंत्रियों को साफ और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के लिए कोई जगह नहीं है। यदि किसी मंत्री पर रिश्वत लेने या भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आते हैं, तो उसे अगले ही पल मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की छवि खराब करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति
गुरुवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी के सिद्धांतों पर काम करेगी। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि यदि किसी विभाग में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार या अनियमितताओं की शिकायत मिलती है तो उसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित मंत्री की होगी।उन्होंने कहा कि कार्रवाई करते समय यह नहीं देखा जाएगा कि संबंधित व्यक्ति पार्टी का पुराना नेता है या हाल ही में किसी दूसरे दल से आया है। नियम सबके लिए समान होंगे और दोषी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई होगी।
प्रचार नहीं, काम पर दें ध्यान
मुख्यमंत्री विजय ने मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों को सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल प्रशासनिक जरूरत के लिए होना चाहिए, न कि प्रचार पाने के लिए।उन्होंने खास तौर पर सरकारी स्कूलों का जिक्र करते हुए कहा कि पढ़ाई के दौरान वहां जाकर छात्रों की पढ़ाई में बाधा डालना ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्कूलों में जाकर वीडियो बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी नाराजगी जताई।
‘रील्स’ बनाकर प्रचार से बचने की नसीहत
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों की हालिया गतिविधियों के कारण सरकार को बेवजह आलोचना झेलनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का काम जनता की सेवा करना है, न कि सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए “रील्स” बनाना।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी मंत्री और पार्टी पदाधिकारी अपने दायित्वों पर ध्यान दें और ऐसे किसी भी काम से बचें जिससे सरकार की छवि प्रभावित हो।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
मुख्यमंत्री विजय ने याद दिलाया कि इससे पहले कुछ सरकारी स्कूलों में मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाने और उनके भाषण का लाइव प्रसारण कराने जैसी घटनाओं को लेकर संबंधित प्रधानाचार्यों और पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि कोई अनुशासनहीनता या नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ बिना किसी नरमी के कार्रवाई जारी रहेगी।
राजस्व बढ़ाने और अनियमितता खत्म करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि पिछली सरकार के समय हुई अनियमितताओं की पहचान कर उन्हें खत्म करना सभी मंत्रियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंत्री अपने विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने, भ्रष्टाचार रोकने और सरकार का राजस्व बढ़ाने के लिए गंभीरता से काम करे। उन्होंने मंत्रियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भी बात कही कि कौन अपने विभाग में बेहतर काम कर सरकार को अधिक लाभ पहुंचाता है।
हर विभाग की खुद करेंगे समीक्षा
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि वह सभी विभागों के कामकाज की नियमित समीक्षा करेंगे। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि जनता ने सरकार पर भरोसा जताया है, इसलिए उस विश्वास को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।उन्होंने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें पूरी पारदर्शिता के साथ लागू करना है ताकि जनता को उसका सीधा लाभ मिल सके।
सुशासन का दिया संदेश
गौरतलब है कि टीवीके सरकार की पहली मंत्रिमंडल बैठक विकास योजनाओं को मंजूरी देने पर केंद्रित थी, जबकि दूसरी बैठक का मुख्य उद्देश्य मंत्रियों को सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश देना रहा। मुख्यमंत्री विजय के सख्त संदेश को सरकार में जवाबदेही और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तौर पर देखा जा रहा है।







