कोलकाता,अंग भारत। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के बाद निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। आयोग ने मतदान केंद्रों पर लगाए गए निगरानी कैमरों और उनमें रिकॉर्ड हुए वीडियो डेटा की सुरक्षा को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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कैमरों के डेटा को लेकर नई सख्ती
निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि मतदान खत्म होने के तुरंत बाद कैमरों से मेमोरी कार्ड नहीं निकाले जाएंगे। पहले केवल कैमरों को उतारकर सेक्टर अधिकारी की निगरानी में सुरक्षित रखा जाएगा। इसके बाद निर्धारित डेटा संग्रहण केंद्र पर सहायक निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में ही मेमोरी कार्ड निकाले जाएंगे।
वीडियो रिकॉर्ड की पूरी जिम्मेदारी तय
आयोग ने यह भी साफ किया है कि वीडियो फुटेज की जिम्मेदारी पूरी तरह तय रहेगी और उसका सुरक्षित रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी शिकायत, विवाद या जांच की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध कराया जा सके। इस व्यवस्था से डेटा में छेड़छाड़ या उसके गायब होने की आशंका काफी हद तक कम होगी।
पहले चरण में 93 प्रतिशत मतदान दर्ज
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में औसतन करीब 93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। ग्रामीण इलाकों की कई सीटों पर यह प्रतिशत इससे भी ज्यादा रहा, जो मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
दूसरे चरण की तैयारी तेज
अधिकारियों का कहना है कि भारी मतदान और संवेदनशील चुनावी माहौल को देखते हुए निगरानी फुटेज का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। इसी कारण मतदान के बाद की पूरी प्रक्रिया को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।











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