पटना, अंग भारत। बिहार में बीते 24 घंटों के भीतर कुदरत का ऐसा कहर बरपा कि आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सोमवार की शाम से शुरू हुई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और जानलेवा आकाशीय बिजली की चपेट में आने से राज्य के अलग-अलग जिलों में 7 मासूम बच्चों समेत कुल 24 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। यह आपदा इतनी आकस्मिक थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने इस त्रासदी की पुष्टि करते हुए राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
क्षतिग्रस्त जिलों का हाल
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे भयावह रूप गया और चंपारण क्षेत्र में देखने को मिला। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
- गया: यहाँ 6 लोगों की मौत हुई है।
- पूर्वी और पश्चिमी चंपारण: यहाँ भी कुल 6 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।
- औरंगाबाद: आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 3 लोगों की मृत्यु हुई।
- पटना: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेड़ और दीवार ढहने से 2 लोगों की जान गई।
- अन्य जिले: वैशाली (लालगंज), रोहतास, सीतामढ़ी, नालंदा और संदेश थाना क्षेत्र में भी पेड़ गिरने और बिजली गिरने की घटनाओं से 7 लोगों की मौत हुई है।
प्रशासनिक मुआवजे का ऐलान
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस दुखद घड़ी में मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। सरकार की ओर से तत्काल राहत पहुँचाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के आश्रित परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि घायलों के उपचार में कोई कोताही न बरती जाए और प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत सामग्री पहुँचाई जाए।
अगले 72 घंटे सावधान
मौसम विभाग ने आने वाले 48 से 72 घंटों को लेकर बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। प्रदेश के 18 जिलों—सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका, जमुई, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर और अरवल के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं, राजधानी पटना समेत 10 अन्य जिलों में ‘रेड अलर्ट’ घोषित है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
बरसात का ब्यौरा
सोमवार को हुई बेमौसम बारिश के आंकड़े चौंकाने वाले रहे, जिसने जमीन की जल सोखने की क्षमता को भी चुनौती दी:
| स्थान | वर्षा (मिमी में) |
|---|---|
| गया | 47 |
| पटना | 39 |
| वाल्मीकिनगर | 26.2 |
| मोतिहारी | 22.3 |
| समस्तीपुर | 19.5 |
सुरक्षा के लिए सुझाव
मौसम वैज्ञानिकों और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों ने नागरिकों से विशेष अपील की है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न रुकें। यदि आप ग्रामीण इलाके में हैं, तो पक्के मकानों का आश्रय लें। आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में धातु की वस्तुओं से दूर रहें और अपने मोबाइल फोन का उपयोग कम करें। प्रशासन का साफ कहना है कि अगले दो दिनों तक जब तक मौसम विभाग की तरफ से चेतावनी बनी हुई है, तब तक अनावश्यक यात्रा से बचें और बच्चों को घरों के भीतर ही रखें।








