गुवाहाटी,अंग भारत।असम विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 126 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज कर ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया है। इस जीत के साथ भाजपा ने लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता पर कब्जा जमाया है और विरोधी लहर को समर्थन की लहर में बदलने में सफलता पाई है।चुनाव परिणामों के अनुसार, भाजपा ने अकेले 82 सीटों पर जीत हासिल कर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। पार्टी के सहयोगी दल असम गण परिषद (अगप) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने भी 10-10 सीटें जीतकर गठबंधन की जीत में अहम भूमिका निभाई है। इस तरह गठबंधन का कुल आंकड़ा 102 सीटों तक पहुंच गया, जो स्पष्ट बहुमत से कहीं अधिक है।
Read more……..असम में भाजपा की बढ़त, सहयोगियों संग 96 सीटों पर आगे
भाजपा का मजबूत प्रदर्शन, विपक्ष कमजोर
इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी को 19 सीटों के साथ संतोष करना पड़ा। हालांकि कांग्रेस ने इससे पहले 2001, 2006 और 2011 में लगातार तीन बार सरकार बनाई थी, लेकिन तब भी उसे इतना बड़ा जनादेश नहीं मिला था, जैसा इस बार भाजपा गठबंधन को मिला है।अन्य दलों की बात करें तो ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और उसे केवल 2 सीटों पर ही जीत मिली। वहीं, राइजर दल ने कांग्रेस गठबंधन के साथ मिलकर अपनी सीटों की संख्या एक से बढ़ाकर दो कर ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भी राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए 1 सीट जीतने में सफल रही।
मत प्रतिशत में भी भाजपा आगे
वोट शेयर के लिहाज से भी भाजपा ने बढ़त बनाई है। आंकड़ों के अनुसार, भाजपा को करीब 37.81 प्रतिशत मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस को लगभग 29.84 प्रतिशत वोट मिले। यह अंतर स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि राज्य में भाजपा की पकड़ मजबूत हुई है।
लगातार तीसरी बार सत्ता में भाजपा
भाजपा की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पार्टी ने लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार के विकास कार्यों और योजनाओं का असर जनता पर साफ दिखाई दिया, जिसके चलते मतदाताओं ने एक बार फिर भाजपा गठबंधन पर भरोसा जताया।
इस चुनाव में भाजपा ने स्थानीय मुद्दों, विकास और संगठनात्मक मजबूती के दम पर चुनाव लड़ा और विपक्ष के हमलों का प्रभावी ढंग से जवाब दिया। यही कारण रहा कि संभावित सत्ता विरोधी माहौल भी भाजपा के पक्ष में बदल गया।
राजनीतिक संदेश और आगे की राह
असम के इस चुनाव परिणाम ने साफ कर दिया है कि राज्य की राजनीति में भाजपा का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। यह जीत न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले समय में यह जनादेश भाजपा के लिए और भी राजनीतिक मजबूती का आधार बन सकता है।









