गुवाहाटी,अंग भारत। असम के प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या धाम में रविवार से शुरू हुए ऐतिहासिक अंबुबासी महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने मां कामाख्या के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत किया। 22 जून से 26 जून तक चलने वाले इस महापर्व को लेकर पूरे राज्य में आध्यात्मिक और धार्मिक उत्साह का माहौल है।
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नीलाचल पर्वत पर उमड़ी आस्था की धारा
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि गुवाहाटी के नीलाचल पर्वत पर विराजमान मां कामाख्या के पावन अंबुबासी महायोग की प्रवृत्ति के शुभ अवसर पर वह जगज्जननी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम अर्पित करते हैं। उन्होंने इस महापर्व को सनातन आस्था और शक्ति साधना का अद्वितीय प्रतीक बताया।
विश्वभर से पहुंचे श्रद्धालुओं का किया स्वागत
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंबुबासी महोत्सव में शामिल होने के लिए असम पहुंचे देश और दुनिया के श्रद्धालुओं का वह हृदय से स्वागत करते हैं। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और तांत्रिक साधक इस महोत्सव में भाग लेने के लिए कामाख्या धाम पहुंचते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।
सुख-शांति और समृद्धि की कामना
डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने मां कामाख्या से प्रार्थना करते हुए कहा कि देवी की कृपादृष्टि सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों पर बनी रहे। उन्होंने कामना की कि मां की कृपा से सभी का जीवन सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो।
शक्ति साधना का महत्वपूर्ण पर्व है अंबुबासी
अंबुबासी महोत्सव को शक्ति उपासना और तांत्रिक परंपराओं का प्रमुख पर्व माना जाता है। इस दौरान मां कामाख्या मंदिर के कपाट कुछ दिनों के लिए बंद रहते हैं और विशेष धार्मिक विधि-विधान संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए पुनः खोले जाते हैं। इस महोत्सव का धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व देशभर में विशेष रूप से माना जाता है।मुख्यमंत्री के संदेश के साथ ही राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। महोत्सव को लेकर कामाख्या धाम में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।



































