Founder – Mohan Milan

डीएस कॉलेज की समस्याओं के समाधान की मांग, अभाविप ने उठाई आवाज

कटिहार,अंगभारत। दर्शन साह महाविद्यालय (डी.एस. कॉलेज) में शिक्षा के गिरते स्तर और बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को कॉलेज अध्यक्ष प्रणव यादव के नेतृत्व में छात्रों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात की और कैंपस की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए एक विस्तृत मांग पत्र यानी ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से टूटी दीवारें, पीने के साफ पानी की भारी कमी, जर्जर हो चुके कमरे और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया गया है। कॉलेज प्रशासन की उदासीनता के कारण यहां पढ़ने वाले हजारों छात्र-छात्राओं को रोजाना जिन मुश्किलों से जूझना पड़ता है, उसे देखते हुए छात्र संगठन ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

जर्जर भवन और सुरक्षा

कॉलेज के भवनों की हालत सालों से खराब है और इस तरफ किसी का ध्यान नहीं गया है। अभाविप द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में साफ तौर पर कहा गया है कि कई सालों से कॉलेज के मुख्य भवन का रंग-रोगन तक नहीं कराया गया है, जिससे पूरा कैंपस बेहद बदरंग और उपेक्षित नजर आता है। इससे भी ज्यादा गंभीर और डरावनी बात यह है कि कॉलेज के कमरा नंबर दो और तीन की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि वहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। छत से प्लास्टर गिरना और दीवारों में दरारें आना आम बात हो चुकी है। अभाविप ने मांग की है कि इन कमरों की तुरंत मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही, बाहरी और असामाजिक तत्वों के बेधड़क प्रवेश को रोकने के लिए पूरे कॉलेज की बाउंड्री वॉल (चहारदीवारी) का निर्माण कराया जाए और सुरक्षा गार्डों की मुस्तैदी से तैनाती की जाए। पूरे कैंपस को सुरक्षित बनाने के लिए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी हो गया है।

छात्राओं की अनदेखी

कॉलेज प्रशासन पर छात्राओं की सुरक्षा और उनकी बुनियादी जरूरतों की अनदेखी करने का आरोप भी लगा है। अभाविप के नेताओं ने गर्ल्स कॉमन रूम की दयनीय स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। वर्तमान में इस रूम में छात्राओं के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच और कुर्सियां तक उपलब्ध नहीं हैं। छात्राएं अपनी क्लास खत्म होने के बाद खाली समय में या तो खड़ी रहती हैं या धूप में बाहर बैठने को मजबूर होती हैं। इसके अलावा, पूरे कॉलेज परिसर में सामान्य छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए कंक्रीट की सीमेंटेड बेंच बनाने की मांग की गई है ताकि वे शांत माहौल में बैठकर पढ़ाई कर सकें और आपस में चर्चा कर सकें।

पढ़ाई और संसाधनों की कमी

सिर्फ बाहरी ढांचा ही नहीं, बल्कि कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता और आंतरिक संसाधनों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। बिहार में नई च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) प्रणाली लागू तो कर दी गई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि डी.एस. कॉलेज की लाइब्रेरी में इस नए सिलेबस से जुड़ी आधुनिक किताबें ही उपलब्ध नहीं हैं। छात्र बिना किताबों के ही परीक्षा की तैयारी करने को मजबूर हैं। अभाविप ने मांग की है कि पुस्तकालय में सीबीसीएस पाठ्यक्रम की नई किताबें तुरंत मंगवाई जाएं।

इसके साथ ही विज्ञान के छात्रों के लिए प्रायोगिक कक्षाएं नाममात्र की रह गई हैं। कॉलेज की प्रयोगशालाएं (लैब्स) धूल फांक रही हैं। परिषद ने सभी प्रैक्टिकल विषयों की लैब्स को सुसज्जित करने और उनमें आवश्यक केमिकल व उपकरण मुहैया कराने पर जोर दिया है।

बुनियादी जरूरतें अधूरी

कटिहार की चिलचिलाती धूप और उमस के बीच छात्रों के पास पीने के लिए साफ पानी तक नहीं है। कॉलेज परिसर में आरओ या वाटर कूलर के माध्यम से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की गई है। साथ ही, गर्मी से बेहाल छात्रों को राहत देने के लिए हर क्लास में पर्याप्त संख्या में बिजली के पंखे तुरंत लगाने को कहा गया है। कैंपस में अनुशासन का माहौल बनाने के लिए सभी छात्र-छात्राओं के पास अपना पहचान पत्र (आईडी कार्ड) होना अनिवार्य करने की मांग की गई है, जिससे बाहरी अराजक तत्वों की पहचान आसानी से हो सके। छात्रों की गाड़ियों की सुरक्षा के लिए एक व्यवस्थित साइकिल और बाइक स्टैंड बनाने का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल है।

शिक्षकों की लेटलतीफी

अभाविप ने कॉलेज के शिक्षकों के रवैये पर भी गहरी नाराजगी जताई है। कई बार शिक्षक समय पर क्लास में नहीं पहुंचते, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से पैसे खर्च करके आने वाले छात्रों का पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। संगठन ने प्राचार्य से मांग की है कि शिक्षकों की समय पर उपस्थिति और उनकी कक्षाओं का नियमित संचालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

डेलिगेशन में शामिल सदस्य

छात्र हितों को सर्वोपरि बताते हुए परिषद के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इन जायज मांगों पर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो छात्र उग्र आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे। इस महत्वपूर्ण ज्ञापन को सौंपने के दौरान कॉलेज के कई प्रमुख पदाधिकारी और छात्र नेता सक्रिय रहे। मौके पर मौजूद रहने वालों में मुख्य रूप से शामिल थे:

  • विनय सिंह – प्रदेश सहमंत्री
  • प्रणव यादव – कॉलेज अध्यक्ष
  • शिवम यादव – कॉलेज उपाध्यक्ष
  • सत्यम कुमार – प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य
  • रोहन पासवान – सक्रिय कार्यकर्ता
  • विशाल सिंह – सक्रिय कार्यकर्ता
  • पंकज कुमार यादव – सक्रिय कार्यकर्ता
  • शिव यादव – सक्रिय कार्यकर्ता

इन सभी नेताओं ने एक स्वर में कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी है कि छात्रों के धैर्य की परीक्षा न ली जाए और कॉलेज के शैक्षणिक माहौल को सुधारने के लिए तुरंत जरूरी बजट पास कर काम शुरू किया जाए।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts
Recent Posts
App Icon