भागलपुर,अंगभारत। इस वर्ष चैत्र नवरात्रा 19 मार्च से शुरू हो रहा है।पंडित शम्भु शरण मिश्रा ने बताया कि इस बार माता का आगमन डोली पर एवं प्रस्थान हाथी पर होगा। उन्होंने बताया कि नवरात्रि में माता दुर्गा का आगमन और विदाई पंचांग के अनुसार सप्ताह के दिनों से तय होते हैं।इस बार माता का आगमन पालकी पर और विदाई हाथी पर हो रही है। पालकी का आगमन मिश्रित फल, जबकि हाथी पर विदाई सुख-समृद्धि और उत्तम वर्षा का शुभ संकेत है।कलश स्थापना पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्रि पर स्थापना का मुहूर्त सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक एवं अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक है।हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार साल में कुल 4 नवरात्रि आती है, जिसमें से दो गुप्त नवरात्रि , तीसरी चैत्र नवरात्रि और चौथी शारदीय नवरात्रि होती है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ चैत्र नवरात्रि आरंभ हो जाते हैं। इसके साथ ही हिंदू नववर्ष भी आरंभ हो जाता है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना करने के साथ व्रत रखा जाता है। इसके साथ ही व्रती लोग पूरे नौ दिनों के लिए कलश स्थापना भी करते हैं और दशमी तिथि को व्रत का पारण करते हैं।








