नोएडा,अंग भारत। नोएडा में आबकारी विभाग की टीम ने बुधवार तड़के एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब से तस्करी करके बिहार ले जाई जा रही 60 लाख रुपये की अंग्रेजी शराब बरामद की है। आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि संयुक्त टीम ने लोहारली टोल प्लाजा के पास से एक ट्रक को पकड़ा, जिसमें थर्मोकोल की बोरियों के पीछे 570 पेटी अवैध शराब छिपाई गई थी। बिहार में शराबबंदी का लाभ उठाकर ये तस्कर अवैध मुनाफा कमाने के लिए पंजाब से भारी मात्रा में खेप ला रहे थे, जिसे नोएडा की सक्रिय टीम ने नाकाम कर दिया है।
ऑपरेशन की पूरी जानकारी
यह कार्रवाई मेरठ की आबकारी प्रवर्तन टीम और गौतम बुद्ध नगर की स्थानीय आबकारी टीम के बीच हुए समन्वय का परिणाम है। बुधवार की तड़के जब आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने लोहारली टोल के पास संदिग्ध ट्रकों की जांच शुरू की, तो एक ट्रक को रुकने का इशारा किया गया। तलाशी के दौरान ट्रक में थर्मोकोल की बोरियों की आड़ में छिपाई गई 570 पेटी अंग्रेजी शराब मिली। बाजार में इस शराब की कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है।
तस्करी का शातिर तरीका
पूछताछ में सामने आया कि तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए बेहद जटिल जाल बुनते हैं। आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पकड़े गए आरोपी तस्करी के लिए इन तरीकों का इस्तेमाल करते थे:
- चालक बदलना: ट्रक को एक ही ड्राइवर पूरे रास्ते नहीं ले जाता है। कुछ दूरी तय करने के बाद ट्रक को सुरक्षित जगह खड़ा कर दिया जाता है और वहां से दूसरा ड्राइवर वाहन को आगे बढ़ाता है।
- वाहन बदलना: पकड़ से बचने के लिए कई बार बीच रास्ते में ही ट्रक भी बदल दिए जाते हैं।
- पायलट गाड़ी: मुख्य ट्रक के आगे और पीछे कुछ गाड़ियां चलती हैं। इनका काम आगे हो रही पुलिस चेकिंग की जानकारी देना होता है। यदि चेकिंग की भनक लगती है, तो ट्रक को तुरंत रोक दिया जाता है या किसी और रास्ते से निकाल लिया जाता है।
बिहार का काला बाजार
बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध है। शराब माफियाओं के लिए यह नीति एक बड़ा अवसर बन गई है। पंजाब में शराब सस्ती दरों पर उपलब्ध है, जबकि बिहार में शराबबंदी के कारण इसकी भारी कमी है और मांग बहुत ज्यादा है। इसका फायदा उठाकर तस्कर पंजाब से शराब लाते हैं और बिहार के बाजारों में इसे कई गुना ऊंची कीमतों पर बेचते हैं। इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं, जो लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल हैं।
अवैध शराब के नुकसान
बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करी की ये घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। अवैध शराब के साथ कई बार जहरीली शराब की आशंका भी बनी रहती है, जिससे जनजीवन को बड़ा खतरा हो सकता है। आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ट्रक मालिक और ड्राइवर के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए विभाग अब अन्य कड़ी जुटा रहा है।
भविष्य की सतर्कता
आबकारी विभाग अब इन तस्करी रूटों पर अपनी निगरानी बढ़ा रहा है। विशेष रूप से अंतरराज्यीय सीमा और टोल प्लाजाओं पर अब हाई-टेक सर्विलांस और खुफिया सूचनाओं के आधार पर औचक निरीक्षण की योजना बनाई गई है। यह केस इस बात का सबूत है कि भले ही तस्कर कितनी भी सावधानी बरतें, लेकिन सरकारी एजेंसियों की सतर्कता इन अवैध मंसूबों को नाकाम करने में सक्षम है। फिलहाल, जब्त की गई शराब और ट्रक को कब्जे में लेकर पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।








