काठमांडू,अंग भारत। भारत-नेपाल संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल के तहत भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री का नेपाल दौरा तय हो गया है। नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राई के औपचारिक निमंत्रण पर मिस्री 11 और 12 मई को काठमांडू का दौरा करेंगे। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
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नई सरकार के बाद पहला बड़ा कूटनीतिक दौरा
नेपाल में बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद भारत की ओर से यह पहला उच्चस्तरीय कूटनीतिक दौरा होगा। ऐसे में इस यात्रा को दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, विक्रम मिस्री 11 मई को काठमांडू पहुंचेंगे और दो दिनों तक विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
कई वरिष्ठ नेताओं से होगी मुलाकात
अपने दौरे के दौरान विदेश सचिव मिस्री नेपाल के कई प्रमुख नेताओं से मुलाकात करेंगे। इनमें विदेश मंत्री शिशिर खनाल, वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले और ऊर्जा मंत्री विराज भक्त श्रेष्ठ शामिल हैं। इसके अलावा सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने से भी उनकी मुलाकात प्रस्तावित है। इन बैठकों में द्विपक्षीय सहयोग, व्यापार, ऊर्जा और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
साथ जाएंगे वरिष्ठ अधिकारी, बढ़ेगा सहयोग
इस दौरे में भारत के विदेश मंत्रालय के नॉर्थ डेस्क के प्रभारी एडिशनल सेक्रेटरी मनु महावार भी विक्रम मिस्री के साथ रहेंगे। माना जा रहा है कि यह टीम नेपाल के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए ठोस पहल पर चर्चा करेगी।
पहले ही दे चुके हैं दौरे के संकेत
हाल ही में दिल्ली दौरे पर आए नेपाल के पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान विक्रम मिस्री ने खुद भी अपने संभावित नेपाल दौरे का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत, नेपाल में नई सरकार के साथ हर क्षेत्र में सहयोग जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस प्रस्तावित यात्रा के दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया जाएगा। कूटनीतिक हलकों में इसे दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध पहले से ही मजबूत रहे हैं, और इस दौरे से इन रिश्तों को और गति मिलने की उम्मीद है।









