काठमांडू,अंग भारत। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने सोमवार को चीन की राजधानी बीजिंग में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय समिति के अंतरराष्ट्रीय विभाग के मंत्री लियू हाइशिंग से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच नेपाल और चीन के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने समेत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
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नेपाल-चीन संबंधों को मजबूत करने पर जोर
विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और जनस्तरीय संबंधों को और गहरा बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों पक्षों ने नेपाल-चीन मित्रता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।बैठक में राजनीतिक दलों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने और विभिन्न स्तरों पर सहयोग को आगे बढ़ाने के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। साथ ही दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
चीनी विदेश मंत्री वांग यी से भी होगी महत्वपूर्ण वार्ता
चीन दौरे के दौरान विदेश मंत्री खनाल की अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ भी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक को नेपाल-चीन संबंधों के दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार, बुनियादी ढांचा विकास और क्षेत्रीय साझेदारी जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
निवेश सम्मेलन में भी शामिल होंगे खनाल
बीजिंग प्रवास के दौरान विदेश मंत्री शिशिर खनाल नेपाली दूतावास द्वारा आयोजित एक विशेष निवेश सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य नेपाल में विदेशी निवेश को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करना है।बताया जा रहा है कि इस अवसर पर खनाल चीन के प्रमुख उद्यमियों, निवेशकों और व्यापारिक समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में नेपाल में निवेश की संभावनाओं और आर्थिक सहयोग को लेकर चर्चा की जाएगी।
बीआरआई परियोजनाओं पर भी रह सकती है चर्चा
अधिकारियों के अनुसार, विदेश मंत्री के इस दौरे के दौरान चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) परियोजना से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं। नेपाल में बीआरआई के तहत प्रस्तावित और चल रही परियोजनाओं की प्रगति तथा उनके कार्यान्वयन को लेकर दोनों पक्ष विचार-विमर्श कर सकते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि खनाल का यह दौरा नेपाल और चीन के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। दोनों देशों के बीच बढ़ते संवाद को क्षेत्रीय सहयोग और विकास के दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है।



































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