अररिया,अंग भारत। बिहार के सीमावर्ती जिले अररिया में पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने नशीले पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। फुलकाहा थाना पुलिस ने एसएसबी जवानों के साथ मिलकर गुरुवार की देर शाम मिल्की डुमरिया वार्ड संख्या 3 में रहने वाले बैजनाथ बहरदार के घर पर अचानक धावा बोला। इस गुप्त सूचना पर आधारित छापेमारी में सुरक्षाबलों ने न केवल 2.42 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया, बल्कि घर के भीतर से 10 लाख 88 हजार 700 रुपये की भारी-भरकम नकदी भी जब्त की। यह नकद राशि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से जुटाए जाने का अनुमान है। पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी बैजनाथ बहरदार की दो पत्नियों, अमला देवी और सीमा देवी को हिरासत में ले लिया है, जिनसे अब इस धंधे के पूरे नेटवर्क को लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।
छापेमारी की पूरी कहानी
यह पूरी कार्रवाई बेहद गुप्त तरीके से की गई ताकि आरोपियों को भागने या सबूत मिटाने का मौका न मिले। हालांकि, मुख्य आरोपी और उसका बेटा भागने में सफल रहे। छापेमारी के दौरान मौके पर प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। नरपतगंज के राजस्व अधिकारी रामउदगार चौपाल इस दौरान मजिस्ट्रेट के रूप में खुद वहां उपस्थित थे। उनकी मौजूदगी में घर के एक-एक हिस्से की तलाशी ली गई। पुलिस को शक था कि इस घर में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ छिपाकर रखे गए हैं, जो सीमा पार या स्थानीय बाजारों में बेचे जाने थे। तलाशी के दौरान जैसे ही नोटों की गड्डियां और गांजे के पैकेट मिले, अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
जब्त सामान का विवरण
सुरक्षाबलों ने मौके से जो अवैध सामान और धन बरामद किया है, उसकी सूची कुछ इस प्रकार है:
- अवैध गांजा: कुल 2.42 किलोग्राम, जिसे पैकेट में बंद कर बेचने के लिए तैयार रखा गया था।
- नकद राशि: कुल 10,88,700 रुपये (दस लाख अठासी हजार सात सौ रुपये) बरामद किए गए।
पुलिस की गिरफ्त में पत्नियां
छापेमारी के दौरान घर में मौजूद बैजनाथ बहरदार की दोनों पत्नियां, अमला देवी और सीमा देवी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस का मानना है कि नशीले पदार्थों के इस धंधे में इन दोनों महिलाओं की भी सक्रिय भूमिका हो सकती है, या इन्हें इस अवैध कमाई के लेन-देन की पूरी जानकारी थी। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दोनों को थाने लाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इनसे पूछताछ के जरिए इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा रहा है। स्थानीय लोग भी इस बात से हैरान हैं कि एक ही घर में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी छिपाकर रखी गई थी।
आरोपी पिता-पुत्र फरार
इस बड़ी कार्रवाई के बीच मुख्य आरोपी बैजनाथ बहरदार और उसका बेटा पंकज बहरदार पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। छापेमारी दल के आने की भनक शायद उन्हें ऐन वक्त पर लग गई थी। पुलिस और एसएसबी की टीम ने उनकी तलाश में आसपास के इलाकों में घेराबंदी भी की, लेकिन वे अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस का कहना है कि इन दोनों पर काफी समय से नशीले पदार्थों की तस्करी करने और उससे अवैध रूप से अकूत संपत्ति अर्जित करने के आरोप लग रहे थे। इनके पकड़े जाने के बाद ही इस पूरे रैकेट के मुख्य सरगनाओं का पर्दाफाश हो सकेगा। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।
संयुक्त टीम में शामिल अधिकारी
इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पुलिस और सेना के जवानों की एक मजबूत टीम बनाई गई थी। इस विशेष अभियान का नेतृत्व फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य ने खुद संभाला। उनके साथ टीम में ये अधिकारी शामिल रहे:
- विकास कुमार मौर्य: थानाध्यक्ष, फुलकाहा (अभियान के नेतृत्वकर्ता)
- गुलशन कुमार: अपर थानाध्यक्ष
- रंजना कुमारी: सब-इंस्पेक्टर (SI)
- रमेश कुमार सिंह: सब-इंस्पेक्टर (SI)
- प्रदीप भारती: असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI)
- राणा कुमार: सहायक सेनानायक, एसएसबी बीओपी प्रभारी
- रतन कुमार ब्रह्मा: उपनिरीक्षक (SSB)
इन अधिकारियों के साथ भारी संख्या में महिला पुलिस बल और एसएसबी के हथियारबंद जवान भी शामिल थे। इतनी बड़ी टीम की मुस्तैदी के कारण ही इस बड़े नेटवर्क पर चोट करना संभव हो पाया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
इस पूरे मामले को लेकर फुलकाहा थाने में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सीमावर्ती अररिया जिला नेपाल की खुली सीमा के पास स्थित होने के कारण हमेशा से नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए संवेदनशील रहा है। पुलिस के अनुसार, बैजनाथ बहरदार और उसका बेटा पंकज बहरदार काफी समय से इस धंधे में लिप्त थे। उन्होंने गांजा तस्करी के जरिए बहुत कम समय में बड़ी संपत्ति खड़ी कर ली थी। पुलिस अब उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की भी जांच कर रही है ताकि उन्हें कानूनी रूप से भी पूरी तरह से घेरा जा सके। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।







