सारण (बिहार), अंग भारत। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा 29 जुलाई को आयोजित गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग में अधिनायक अनुदेशक पद की लिखित परीक्षा में नकल कराने की एक बड़ी साजिश को सारण पुलिस ने नाकाम कर दिया है। इस मामले में पुलिस और प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी की तत्परता से परीक्षा केंद्र के भीतर और बाहर सक्रिय आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक सिपाही और दो होमगार्ड जवान भी शामिल हैं। यह कार्रवाई मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित आदर्श जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नैनी में की गई, जहां परीक्षा शुरू होने से पहले ही धांधली का पूरा तंत्र ध्वस्त कर दिया गया।
पकड़े गए आरोपी
परीक्षा के दौरान सुरक्षा घेरा इतना सख्त था कि नकल माफियाओं की चालाकी काम नहीं आई। पुलिस की सघन चेकिंग के दौरान दो परीक्षार्थियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। इनकी पहचान विश्वजीत कुमार शर्मा (निवासी: वैशाली) और अमित कुमार (निवासी: भोजपुर) के रूप में हुई है। इनके पास से गुप्त इलेक्ट्रॉनिक ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुए।
पुलिस पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद इस गिरोह के अन्य छह सदस्यों को परीक्षा केंद्र के बाहर से घेराबंदी करके पकड़ा गया। गिरफ्तार लोगों में शामिल हैं:
- सिपाही: परीक्षा प्रणाली की कमियों का फायदा उठाकर सॉल्वर उपलब्ध कराना।
- दो होमगार्ड जवान: सुरक्षा व्यवस्था और केंद्र की गतिविधियों की जानकारी लीक करना।
- छह अन्य सदस्य: इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की आपूर्ति और पैसों का लेनदेन संभालना।
जब्त किए गए उपकरण
पुलिस ने छापेमारी के दौरान गिरोह के पास से अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने वाले कई आधुनिक उपकरण बरामद किए हैं। ये गैजेट्स दर्शाते हैं कि नकल कराने का यह तरीका कितना संगठित और तकनीक पर आधारित था:
- एक अत्याधुनिक वॉकी-टॉकी सेट
- इलेक्ट्रॉनिक ब्लूटूथ डिवाइस
- दो चार्जर और पावर बैटरी
- नौ मोबाइल फोन
- एक कार और अन्य दस्तावेज (आधार कार्ड व प्रवेश पत्र)
नकल का तरीका
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बहुत ही शातिर तरीके से काम कर रहा था। परीक्षार्थियों के कान में ब्लूटूथ डिवाइस छिपाए गए थे, ताकि केंद्र के बाहर बैठा उनका साथी वॉकी-टॉकी के जरिए उत्तर पुस्तिका का हल उन्हें बोलकर सुना सके। सिपाही और होमगार्ड जवानों की मौजूदगी ने इस गिरोह को एक प्रकार का ‘सुरक्षा कवच’ दे दिया था, जिसका लाभ उठाकर वे आसानी से परीक्षा केंद्र के सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर देते थे।
सख्त कानूनी कार्रवाई
सारण पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुफस्सिल थाने में मामला दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), बिहार लोक परीक्षा अधिनियम 2024 और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि परीक्षा की शुचिता भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह वर्दी में ही क्यों न हो।
बढ़ते साइबर खतरे
हाल के दिनों में सरकारी परीक्षाओं में तकनीक का दुरुपयोग एक बड़ी चुनौती बन गया है। ब्लूटूथ और वॉकी-टॉकी जैसे उपकरणों का इस्तेमाल यह साबित करता है कि नकल माफिया अब डिजिटल माध्यमों का सहारा ले रहे हैं। इस मामले में भी, सिपाही और होमगार्ड की मिलीभगत ने सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर जैमर और बेहतर फ्रिस्किंग व्यवस्था का होना अब अनिवार्य हो गया है।
पारदर्शिता के लिए चुनौती
बिहार में सरकारी नौकरी की परीक्षाओं के प्रति युवाओं का जुनून बहुत अधिक है। ऐसे में, जब वर्दीधारी खुद नकल कराने में शामिल मिलते हैं, तो यह व्यवस्था पर गहरा आघात करता है। हालांकि, सारण पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि निगरानी अब पहले से अधिक कड़ी है। उम्मीदवारों को भी यह समझना होगा कि शॉर्टकट के चक्कर में वे न केवल अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि गंभीर आपराधिक मामलों में भी फंस रहे हैं।







