बांका, अंग भारत। बांका जिले में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 का विधिवत और भव्य आगाज हो चुका है। गुरुवार को राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने पारंपरिक रूप से शंखध्वनि और दीप प्रज्ज्वलन के साथ इस पावन यात्रा की शुरुआत की। सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा तट से जल भरकर देवघर जाने वाले लाखों शिवभक्तों की सुगम यात्रा के लिए इस वर्ष बिहार सरकार ने सुरक्षा, स्वास्थ्य और भोजन की त्रिस्तरीय अभूतपूर्व व्यवस्था की है, ताकि कच्चे कांवरिया पथ पर चलने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।
जमीनी तैयारियों का मुआयना
उद्घाटन के तुरंत बाद प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने केवल मंच तक सीमित न रहकर सीधे ग्राउंड जीरो का रुख किया। उन्होंने टेंट सिटी का निरीक्षण किया और ‘जीविका दीदी की रसोई’ का फीता काटकर लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी और अस्थाई स्वास्थ्य केंद्रों का जायजा लिया। मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर प्रशासनिक अधिकारी को स्वयं को जनता का सेवक मानकर पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करना चाहिए।
यात्री सुविधाओं की लिस्ट
इस बार कांवरिया पथ पर प्रशासन ने केवल दावे नहीं किए, बल्कि धरातल पर बदलाव स्पष्ट नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं:
| सुविधा का नाम | प्रमुख लाभ | प्रशासनिक तैयारी |
|---|---|---|
| टेंट सिटी | निशुल्क और सुरक्षित विश्राम | वाटरप्रूफ पंडाल, पंखे, बिछौने |
| जीविका दीदी की रसोई | किफायती दरों पर शुद्ध भोजन | महिला स्वयं सहायता समूह |
| पेयजल व्यवस्था | शुद्ध और शीतल जल | वाटर एटीएम और प्याऊ |
| मेडिकल सेंटर | प्राथमिक उपचार व दवाएं | अस्थाई अस्पताल, शिफ्ट ड्यूटी |
सुरक्षा और निगरानी तंत्र
बांका के जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने बताया कि कांवरिया पथ की प्रत्येक गतिविधि की मॉनिटरिंग के लिए एक आधुनिक कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे थकान से जूझते कांवरियों के प्रति अत्यंत विनम्र और सेवाभावी व्यवहार अपनाएं।
“कांवरियों का विश्वास ही हमारी ताकत है। तकनीक के प्रयोग से हमने न केवल सुरक्षा बढ़ाई है, बल्कि यात्रा को सरल भी बनाया है।” – जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल।
तकनीकी सुरक्षा उपाय
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदम निम्नलिखित हैं:
- संपूर्ण कांवरिया पथ को सीसीटीवी कैमरों के दायरे में रखा गया है।
- संवेदनशील पॉइंट्स पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
- कंट्रोल रूम से 24 घंटे लाइव फीड की मॉनिटरिंग की जा रही है।
- दंडाधिकारियों को आपात स्थिति के लिए वायरलेस सेट से लैस किया गया है।
साफ-सफाई का संकल्प
लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए सफाई कर्मियों को तीन शिफ्टों में तैनात किया गया है, ताकि कांवरिया पथ चौबीसों घंटे स्वच्छ रहे। प्लास्टिक मुक्त मेला बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है और स्थानीय समुदायों को भी सफाई अभियान में सक्रिय रूप से जोड़ा गया है ताकि व्यवस्था स्थायी बनी रहे।
सेवा भाव का संदेश
प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों को याद दिलाया कि यह मेला महज एक सरकारी दायित्व नहीं है, बल्कि यह पुण्य अर्जित करने का एक पवित्र अवसर है। उन्होंने बिहार के आतिथ्य सत्कार की परंपरा को बनाए रखने पर जोर दिया। यदि आप इस वर्ष बाबा के दरबार जाने की योजना बना रहे हैं, तो सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें, अपना वैध पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ रखें और किसी भी असुविधा की स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा संचालित हेल्प डेस्क की मदद अवश्य लें।








