पूर्वी सिंहभूम,अंग भारत। मानगो के गुरुद्वारा रोड और बैकुंठनगर के अंतिम छोर पर बसे 12 से अधिक गरीब परिवारों को स्थानीय अंचल कार्यालय ने 4 अगस्त तक अपने मकान खाली कर उन्हें खुद ही ध्वस्त करने का कड़ा नोटिस थमा दिया है। अंचल कार्यालय की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद पिछले 50 वर्षों से इस भूमि पर अपना आशियाना बनाकर रह रहे परिवारों में हड़कंप मच गया है। इन प्रभावित लोगों के सामने अचानक बेघर होने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वर्षों की खून-पसीने की कमाई से बने घरों को उजड़ते देख स्थानीय महिलाएं और बुजुर्ग गहरे मानसिक तनाव में हैं, और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
नोटिस से फैला डर
अंचल कार्यालय की ओर से जारी इस नोटिस ने स्थानीय लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। बैकुंठनगर और गुरुद्वारा रोड के प्रभावित लोगों का कहना है कि वे इस स्थान पर आज या कल से नहीं, बल्कि पिछले पांच दशकों से रह रहे हैं। उनके बुजुर्ग और अब उनके बच्चे इसी मिट्टी में पले-बढ़े हैं। अचानक बिना किसी वैकल्पिक पुनर्वास व्यवस्था के इस तरह का नोटिस देना उनके जीने के अधिकार पर सीधा हमला है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि 4 अगस्त की समयसीमा सिर पर खड़ी है और उनके पास जाने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं है। इस कार्रवाई से डरे-सहमे लोगों के घरों में पिछले कई दिनों से ठीक से चूल्हा तक नहीं जला है।
विकास सिंह की एंट्री
गुरुवार की रात को स्थिति तब और गंभीर हो गई जब प्रभावित परिवारों ने एकजुट होकर भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह को मौके पर बुलाया। स्थानीय निवासियों ने रोते हुए विकास सिंह को अपनी पीड़ा सुनाई और प्रशासनिक ज्यादती से बचाने की गुहार लगाई। विकास सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और लोगों को ढांढस बंधाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे इन बेसहारा लोगों को अकेले नहीं छोड़ेंगे और प्रशासन की इस एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ अपनी अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे। विकास सिंह ने कहा कि जीवन भर की गाढ़ी कमाई लगाकर बनाए गए घरों को इस तरह बेरहमी से उजाड़ने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी।
“जो लोग दशकों से मेहनत-मशक्कत कर अपना पेट पाल रहे हैं और जिन्होंने पाई-पाई जोड़कर अपने रहने का ठिकाना बनाया है, उन्हें इस तरह बेघर करना पूरी तरह से संवेदनहीनता है। हम अंतिम दम तक इस प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ लड़ेंगे।” – विकास सिंह, पूर्व भाजपा नेता
टैक्स और सरकारी सुविधाएं
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा पेंच सरकारी तंत्र की अपनी दोहरी नीतियों को लेकर है। विकास सिंह ने प्रशासन की इस दोहरी नीति पर तीखा प्रहार करते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किए। उन्होंने बताया कि जिन घरों को अंचल कार्यालय अवैध बताकर तोड़ने का नोटिस दे रहा है, उन्हीं घरों को खुद सरकार ने वैध सुविधाएं प्रदान की हैं।
- बिजली कनेक्शन: इन सभी 12 से अधिक परिवारों के पास बिजली विभाग द्वारा अधिकृत मीटर लगे हैं, जिसका बिल वे हर महीने नियमित रूप से चुकाते हैं।
- पेयजल आपूर्ति: सरकार द्वारा इन घरों में पीने के पानी के वैध कनेक्शन दिए गए हैं, जिसका मासिक शुल्क ये परिवार भरते हैं।
- होल्डिंग टैक्स: मानगो नगर निगम इन परिवारों से प्रत्येक माह नियमित रूप से होल्डिंग टैक्स वसूल करता है।
इस विरोधाभास ने प्रशासन की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यह जमीन और इस पर बने मकान पूरी तरह अवैध थे, तो नगर निगम दशकों से इनसे टैक्स क्यों वसूल रहा था? बिजली और पानी के सरकारी कनेक्शन किस आधार पर दिए गए? नीचे दी गई तालिका इन परिवारों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं की स्थिति को स्पष्ट करती है:
| सरकारी सुविधा / टैक्स | वर्तमान स्थिति | भुगतान की प्रकृति |
|---|---|---|
| बिजली मीटर व कनेक्शन | विभाग द्वारा स्वीकृत | मासिक बिल भुगतान |
| पेयजल कनेक्शन | सरकारी आपूर्ति उपलब्ध | नियमित शुल्क भुगतान |
| होल्डिंग टैक्स (नगर निगम) | निगम द्वारा पंजीकृत | मासिक/वार्षिक कर भुगतान |
| सरकारी पहचान पत्र (आधार/वोटर आईडी) | इसी पते पर जारी | स्थायी निवासी प्रमाण |
आवास योजना की विफलता
विकास सिंह ने जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक और प्रशासनिक विफलता पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह इस पूरे विधानसभा क्षेत्र का बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ यहां के वास्तविक हकदार और जरूरतमंद लोगों तक सही तरीके से पहुंच ही नहीं पाया। एक तरफ जहां गरीबों को पक्के मकान देने की योजनाएं कागजों पर चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जो गरीब पिछले 50 वर्षों से अपने दम पर झोपड़ी या छोटा मकान बनाकर रह रहे हैं, उन्हें भी उजाड़ने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अमला केवल गरीबों को परेशान करने में अपनी ताकत लगा रहा है, जबकि बड़े भू-माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
अंतिम दम तक संघर्ष
पीड़ित परिवारों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने आशियाने को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। बैकुंठनगर और गुरुद्वारा रोड के निवासियों का कहना है कि वे कानूनी लड़ाई लड़ने के साथ-साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। विकास सिंह ने स्थानीय जिला प्रशासन और उपायुक्त से मांग की है कि इस पूरे मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाए। केवल कागजी नियमों का हवाला देकर इतने परिवारों को खुले आसमान के नीचे नहीं धकेला जा सकता। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 4 अगस्त तक इस नोटिस को वापस नहीं लिया गया या कोई सम्मानजनक समाधान नहीं निकाला गया, तो वे स्थानीय लोगों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अंचल कार्यालय और मानगो नगर निगम प्रशासन की होगी।







