तेहरान,अंग भारत। ईरान में 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के संयुक्त सैन्य हमले में मारे गए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देशभर में इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि पूरे कार्यक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि उनके पुत्र और वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं।बताया जा रहा है कि पिता की मौत के बाद से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिससे उनकी मौजूदगी को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं।
अमेरिका को संदेश देने की तैयारी
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान इस अंतिम संस्कार को केवल श्रद्धांजलि समारोह नहीं बल्कि एक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देख रहा है। अंतिम संस्कार कार्यक्रम को अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के समय आयोजित किया गया है।ईरान और इराक के पांच प्रमुख शहरों में सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रम में लाखों लोगों के शामिल होने का अनुमान है। अधिकारियों का दावा है कि यह इस्लामिक रिपब्लिक के इतिहास के सबसे बड़े आयोजनों में से एक होगा।
संसद अध्यक्ष ने दिया कड़ा बयान
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर घालीबाफ ने कहा कि देश अपने सर्वोच्च नेता की हत्या का जवाब देने के लिए पूरी दुनिया के सामने अपनी आवाज बुलंद करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान अन्याय के सामने झुकने वाला नहीं है और खामेनेई के खून का हिसाब लिया जाएगा।
मोजतबा खामेनेई की मौजूदगी पर बना रहस्य
रिपोर्टों के मुताबिक, 28 फरवरी के हमले में मोजतबा खामेनेई भी घायल हुए थे और तब से उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।ईरानी अधिकारियों का दावा है कि वे देश के नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय हैं, लेकिन अब तक उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है। यदि वे अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं तो यह पिता की मौत के बाद उनकी पहली सार्वजनिक मौजूदगी होगी।
ऐतिहासिक स्तर पर की गई तैयारियां
कार्यक्रम के तहत खामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान के इमाम खामेनेई मोसाला में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम यात्रा राजधानी से शुरू होकर पवित्र शहर कोम पहुंचेगी।बाद में पार्थिव शरीर को इराक के नजफ और कर्बला स्थित शिया धार्मिक स्थलों पर ले जाने की योजना है। अंतिम दफन मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में किया जाएगा, जो खामेनेई का जन्मस्थान भी है।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
ईरानी प्रशासन ने अंतिम संस्कार के दौरान राजधानी तेहरान के अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया है। जिन शहरों से अंतिम यात्रा गुजरेगी, वहां राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है।रेड क्रिसेंट के अनुसार 2,500 एम्बुलेंस, 21 हेलीकॉप्टर, 100 ड्रोन और हजारों राहतकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा कई अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और लाखों लोगों के भोजन एवं ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई है।
दुनिया की नजर अंतिम संस्कार पर
ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि अंतिम संस्कार में 40 लाख से 1.5 करोड़ लोगों की भागीदारी हो सकती है। इसी बीच सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि क्या मोजतबा खामेनेई इस ऐतिहासिक समारोह में पहली बार जनता के सामने आएंगे या फिर सुरक्षा कारणों से दूरी बनाए रखेंगे।











