नई दिल्ली,अंग भारत। भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महाप्रभु से सभी के जीवन में सुख, शांति और नई ऊर्जा का संचार करने की प्रार्थना की। गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भगवान जगन्नाथ को समर्पित एक संस्कृत श्लोक का ऑडियो-वीडियो साझा किया और कहा कि महाप्रभु का आशीर्वाद हमेशा देशवासियों पर बना रहे।प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा शुरू हुई है। इस पावन अवसर पर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पुरी पहुंचे हैं। पूरी नगरी भक्तिमय माहौल में डूबी हुई है और हर ओर “जय जगन्नाथ” के जयकारे सुनाई दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने साझा किया संस्कृत श्लोक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश के साथ भगवान जगन्नाथ की महिमा का वर्णन करने वाला संस्कृत श्लोक साझा किया। उन्होंने लिखा कि महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर उनकी कामना है कि भगवान का आशीर्वाद सभी देशवासियों पर सदैव बना रहे और उनकी दिव्य कृपा से हर व्यक्ति के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हो।प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लोगों के सुखद, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना करते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा पूरे देश पर बनी रहे और हर परिवार खुशहाल रहे।
ऑडियो-वीडियो में बताया गया श्लोक का अर्थ
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए ऑडियो-वीडियो में संस्कृत श्लोक का सरल अर्थ भी बताया गया। इसमें कहा गया कि भगवान जगन्नाथ देवताओं के भी देव हैं और संपूर्ण सृष्टि के स्वामी माने जाते हैं। देवताओं से लेकर सामान्य मनुष्य तक सभी उनकी आराधना करते हैं। उनका यश पवित्र, कल्याणकारी और अनंत है। वे अविनाशी हैं और हर प्राणी के हृदय में परमात्मा के रूप में विराजमान हैं। ऐसे भगवान जगन्नाथ को बार-बार प्रणाम है।इस संदेश के माध्यम से भगवान जगन्नाथ की महिमा और उनके प्रति आस्था का भाव भी लोगों तक पहुंचाया गया।
पुरी में श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिनी जाती है। हर वर्ष इस ऐतिहासिक यात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस बार भी सुबह से ही पुरी की सड़कों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से आए श्रद्धालु भी इस पावन यात्रा के साक्षी बनने पहुंचे हैं।रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा भव्य सजे-धजे रथों पर विराजमान होकर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर तक की यात्रा करते हैं। मान्यता है कि इस यात्रा में शामिल होने या रथ के दर्शन मात्र से भी श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
पूरे देश में भी मनाया जा रहा उत्सव
पुरी के अलावा देश के कई राज्यों में भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा धूमधाम से निकाली जा रही है। मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है और जगह-जगह भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना तथा धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और भगवान से अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।रथयात्रा के अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। जगह-जगह पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं तथा स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड में हैं।
आस्था, परंपरा और एकता का पर्व
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का भी प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र की सीमाएं पीछे छूट जाती हैं और लाखों लोग एक साथ भगवान के दर्शन के लिए जुटते हैं।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संदेश भी इसी भावना को आगे बढ़ाता है। उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना की कि उनका आशीर्वाद देश के हर नागरिक पर बना रहे, सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और खुशहाली आए तथा देश निरंतर विकास और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।








