वेरावल/गिर सोमनाथ,अंग भारत। देश के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर में आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन होने जा रहा है। सोमनाथ अमृत महोत्सव के तहत पहली बार मंदिर के शिखर पर 11 पवित्र तीर्थों के जल से कुंभाभिषेक किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम के साक्षी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बनेंगे, जो सुबह करीब सवा 10 बजे मंदिर परिसर पहुंचेंगे।
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भव्य सजावट से जगमगाया सोमनाथ धाम
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माने जाने वाले सोमनाथ मंदिर को इस अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर परिसर में फूलों की आकर्षक सजावट की गई है और देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल को देखने प्रभास पाटन पहुंच चुके हैं। अरब सागर के किनारे स्थित मंदिर में सुबह से ही भक्तों का उत्साह देखने को मिल रहा है।
1100 लीटर क्षमता वाले कलश से होगा अभिषेक
इस आयोजन के लिए करीब आठ फीट ऊंचा विशेष कलश तैयार किया गया है, जिसकी क्षमता 1100 लीटर है। पूरी संरचना का वजन 1860 किलोग्राम बताया गया है, जबकि केवल कलश का वजन लगभग 760 किलोग्राम है। तकनीकी रूप से उन्नत इस कलश को आधुनिक इंजीनियरिंग का अनोखा नमूना माना जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार, 90 मीटर ऊंची क्रेन की सहायता से इस विशाल कलश को मंदिर के शिखर तक पहुंचाया जाएगा। रिमोट कंट्रोल और सेंसर तकनीक की मदद से मात्र तीन मिनट में 11 पवित्र तीर्थों के जल से शिखर अभिषेक पूरा होगा। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और घंटों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा।
पीएम मोदी करेंगे महापूजा और ध्वजारोहण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री विशेष महापूजा, ध्वजारोहण और कुंभाभिषेक समारोह में भाग लेंगे। इसके साथ ही सोमनाथ मंदिर की गौरवशाली विरासत और आध्यात्मिक महत्व पर आधारित स्मारक डाक टिकट और विशेष सिक्का भी जारी किया जाएगा।
75 वर्ष पूरे होने पर मनाया जा रहा अमृत महोत्सव
सोमनाथ अमृत महोत्सव पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था के गौरव का प्रतीक माना जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए यह क्षण ऐतिहासिक और आध्यात्मिक रूप से बेहद खास माना जा रहा है।











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