लखनऊ,अंग भारत। उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले गुरुवार को राजधानी लखनऊ में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच महिला आरक्षण को लेकर तीखा राजनीतिक प्रदर्शन देखने को मिला। विधानसभा परिसर के बाहर दोनों पक्षों के विधायकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने-अपने रुख को जोरदार तरीके से रखा।
Read more………….वाराणसी दौरे पर आज पीएम मोदी, 50 हजार महिलाओं से संवाद
सत्ता पक्ष ने उठाया महिला सशक्तिकरण का मुद्दा
सत्र शुरू होने से पहले भारतीय जनता पार्टी की महिला विधायकों के नेतृत्व में कई मंत्री और विधायक विधानसभा पहुंचे। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” और “देख रहा है देश” जैसे नारे लिखे हुए थे। इस दौरान सत्तापक्ष के नेता विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते नजर आए।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विपक्षी दल महिलाओं को केवल परिवार तक सीमित रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में परिवार से बाहर की महिलाओं को कोई अहम जिम्मेदारी नहीं दी जाती, जबकि कांग्रेस में भी केवल चुनिंदा परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं को सम्मान और अवसर दोनों मिले हैं।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
दूसरी ओर, सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन किया। सपा नेताओं ने भाजपा पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
पूर्व मंत्री संग्राम सिंह यादव ने कहा कि भाजपा जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है और उनकी पार्टी उसका समर्थन करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिल पास हो चुका है तो उसे लागू क्यों नहीं किया जा रहा।
जातीय जनगणना का मुद्दा भी उठा
सपा नेताओं ने इस दौरान जातीय जनगणना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने “जिसकी जितनी भागीदारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी” का वादा किया था, लेकिन अब उस पर अमल नहीं किया जा रहा है। विपक्ष ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा अपने ही बनाए राजनीतिक जाल में फंस गई है।
सत्र में होगी नारी सशक्तिकरण पर चर्चा
गौरतलब है कि विधानसभा का यह सत्र नारी सशक्तिकरण के मुद्दे पर केंद्रित है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होनी है, जिसमें महिला आरक्षण और महिलाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। ऐसे में सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।विधानसभा के बाहर हुए इन प्रदर्शनों से साफ है कि महिला आरक्षण का मुद्दा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़ा विषय बना रहेगा। दोनों पक्ष इसे लेकर जनता के बीच अपनी-अपनी बात मजबूती से रखने की कोशिश कर रहे हैं।









