कोलकाता,अंग भारत। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार सुबह राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चट्टोपाध्याय के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी की। केंद्रीय बलों की मौजूदगी में ईडी की टीम नाकतला स्थित उनके घर पहुंची और विस्तृत जांच शुरू की।
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सुबह-सुबह ED की टीम पहुंची आवास
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई शिक्षक भर्ती से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में पूछताछ के सिलसिले में की गई है। बताया जा रहा है कि ईडी अधिकारियों ने पहले भी पार्थ चट्टोपाध्याय को पूछताछ के लिए कई बार बुलाया था, लेकिन उनके पेश नहीं होने के कारण एजेंसी को सीधे उनके घर पहुंचकर कार्रवाई करनी पड़ी।छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने कई दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की। साथ ही मामले से जुड़े संभावित सुरागों की तलाश भी की जा रही है।
मिडलमैन के ठिकानों पर भी कार्रवाई
इसी मामले में ईडी की एक अन्य टीम ने न्यू टाउन इलाके में कथित ‘मिडलमैन’ प्रसन्न राय के दफ्तर पर भी छापा मारा। जांच एजेंसियों के अनुसार, भर्ती घोटाले के शुरुआती चरण से ही प्रसन्न राय का नाम सामने आता रहा है।पिछले वर्ष अगस्त में भी ईडी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुरुलिया स्थित उनके एक रिश्तेदार के घर पर तलाशी अभियान चलाया था। इससे साफ है कि एजेंसी इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।
जेल से रिहाई के बाद फिर जांच तेज
उल्लेखनीय है कि पार्थ चट्टोपाध्याय को जुलाई 2021 में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और उन्हें करीब तीन वर्षों तक जेल में रहना पड़ा। हाल ही में 11 नवंबर को वे जेल से रिहा होकर अपने आवास लौटे थे।रिहाई के बाद से वह सक्रिय राजनीति में कम ही नजर आए हैं, लेकिन अब ईडी की ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
जांच में नए खुलासों की संभावना
ईडी की इस छापेमारी को शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एजेंसी का मानना है कि इस कार्रवाई से मामले में जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन से संबंधित अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं, ताकि भ्रष्टाचार के पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।फिलहाल, सभी की नजरें ईडी की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले को नई दिशा दे सकते हैं।










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