रजौन/बांका/अंग भारत। प्रखंड के रजौन बाजार स्थित मोदी हाट दुर्गा मंदिर की महिमा अपरंपार है, जहां सरोवर के मनोरम तट पर अवस्थित मां वैष्णवी दुर्गा के दरबार में हाजिरी लगाने वाले किसी भी भक्त की झोली खाली नहीं रहती। इस ऐतिहासिक पूजा की शुरुआत चकसपिया व रजौन बाजार निवासी स्वर्गीय मोदी प्रसाद यादव द्वारा वर्ष 1986 में की गई थी, जिसके उपरांत वर्ष 1987 में यहां भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। उनके पुत्र व मेड़पति सिकंदर प्रसाद यादव, सूर्यनारायण यादव, वीरेंद्र उर्फ विंदेश्वरी यादव एवं सहदेव यादव बताते हैं कि उनके पिता को माता रानी का स्वप्न में आदेश मिला था कि सरोवर किनारे दुर्गा मंदिर स्थापित करने से लोक-कल्याण होगा और सभी कष्ट मिटेंगे। इसके बाद सिकंदर प्रसाद यादव, दिवंगत राजेंद्र प्रसाद यादव तथा रजौन बाजार निवासी विद्वान पंडित कैलाश पांडेय, देवनंदन श्रीवास्तव, महादेव तिवारी, राजेंद्र साह, लक्ष्मण प्रसाद साह, माधो साह, मोहनलाल गुप्ता, गोपीराम डोकानिया, छेदीलाल चवरखानी और कामेश्वर मंडल जैसे प्रबुद्धजनों की सामूहिक पहल पर 1986 में पहली बार टेंट रूपी मंदिर में मां वैष्णवी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा और मेले का श्रीगणेश किया गया था, जिसके बाद 1987 में भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ। स्थापना काल से ही यह स्थल समूचे क्षेत्र की अगाध आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां प्रतिवर्ष मां दुर्गा के साथ-साथ माता लक्ष्मी, सरस्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और देवाधिदेव महादेव की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। शारदीय नवरात्र के पहले दिन से लेकर नवमी तक पूरा इलाका दुर्गा सप्तशती के श्लोकों और भक्ति भजनों से गुंजायमान रहता है। महाष्टमी के दिन रजौन, नवटोलिया, नरीपा, बरौनी, भूसिया, उपरामा और धौनी सहित दूर-दराज के गांवों से हजारों की तादाद में महिलाएं पारंपरिक डलिया चढ़ाने पहुंचती हैं। महानवमी पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, राधा-कृष्ण व हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित कर 24 घंटे का अखंड हरिनाम संकीर्तन तथा महाभंडारा आयोजित होता है, वहीं विजयादशमी को हवन-यज्ञ और महाआरती के बाद देर रात नम आंखों से प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। मंदिर के आचार्य अनिल यादव, पुरोहित अजीत पांडेय और सहयोगी संजय ठाकुर के अनुसार यह जाग्रत दरबार श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी करता है। मंदिर के संस्थापक मोदी प्रसाद यादव के पौत्र संजय यादव, अजय यादव, मुकेश विक्रांत, सुनील यादव, नीलेश यादव, राकेश उर्फ रक्कू यादव, राहुल यादव एवं रोहित यादव सहित पूरी पूजा समिति भव्य आयोजन की तैयारियों में जुटी है; वर्तमान में मूर्तिकारों द्वारा प्रतिमा को अंतिम रूप दिया जा रहा है तथा भव्य पंडाल व मुख्य प्रवेश द्वार पर आकर्षक तोरणद्वार आदि के निर्माण कार्य में कारीगर तेजी से लगे हुए हैं। इसके साथ ही मेला परिसर में शुद्ध पेयजल, खानपान, प्रसाधन और बच्चों के मनोरंजन के साधनों की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है, ताकि स्थानीय पुलिस-प्रशासन के सहयोग से यह महापर्व पूरी गरिमा और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।







