पटना,अंग भारत। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने हाल ही में पटना स्थित अपने प्रदेश कार्यालय में पूरे जोश और उत्साह के साथ अपना 29वां स्थापना दिवस मनाया। इस कार्यक्रम के दौरान पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राजद का मुख्य उद्देश्य हमेशा की तरह गरीबों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज बनना रहेगा। उन्होंने कहा कि राजद केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के संघर्ष की एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जो आने वाले समय में भी अपने मूल सिद्धांतों से कभी पीछे नहीं हटेगी।
संगठन की जमीनी मजबूती
लालू यादव ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं को सीधे निर्देश दिए कि वे संगठन को केवल कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि इसे बूथ स्तर तक पहुंचाएं। एक मजबूत बूथ, एक मजबूत सरकार का आधार होता है। उन्होंने कहा कि:
- हर गांव और पंचायत में पार्टी की विचारधारा को घर-घर तक ले जाना होगा।
- कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहकर जनता की समस्याओं को उठाना होगा।
- सामाजिक न्याय की लड़ाई में युवाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
लालू जी का यह संदेश स्पष्ट था—राजनीति केवल चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए होनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि तीन दशकों की इस यात्रा में राजद ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन विचारधारा पर अडिग रहने के कारण ही पार्टी आज भी जनमानस में जीवित है।
आगामी चुनावों की रणनीति
स्थापना दिवस केवल जश्न का दिन नहीं था, बल्कि यह एक कार्ययोजना बनाने का अवसर भी बना। वरिष्ठ नेताओं ने माना कि आने वाले चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर तालमेल बिठाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। चर्चा हुई कि कैसे प्रत्येक कार्यकर्ता की भागीदारी से संगठन को अभेद्य बनाया जाए। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि जनता से सीधा जुड़ाव और स्थानीय स्तर पर नेताओं की उपस्थिति ही जीत की कुंजी है। पार्टी ने भविष्य में और अधिक मुखर होकर राज्य के मुद्दों को जनता के सामने रखने का संकल्प लिया है।
कार्यालय में दिखा उत्साह
पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित राजद कार्यालय का नजारा देखते ही बनता था। सुबह से ही कार्यकर्ताओं का रेला वहां उमड़ पड़ा था। भीषण गर्मी के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं था। पार्टी की ओर से कार्यकर्ताओं की राहत के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे:
| सुविधा | संख्या |
|---|---|
| एयर कंडीशनर (AC) | 11 यूनिट |
| बड़े कूलर | 15 यूनिट |
ढोल-नगाड़ों की गूंज और कार्यकर्ताओं के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। केक काटने और मिठाइयां बांटने की रस्म ने इस दिन को एक उत्सव का रूप दे दिया, जहां पुराने दिग्गजों और नए कार्यकर्ताओं का मिलन देखने लायक था।
भरत तिवारी एनकाउंटर मुद्दा
कार्यक्रम के दौरान माहौल तब थोड़ा गंभीर हो गया जब भरत तिवारी एनकाउंटर का मुद्दा उठा। छोटू छलिया ने कार्यक्रम के मंच से इस एनकाउंटर पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि आत्मसमर्पण किया गया था, तो गोली चलाना कानून के शासन पर सवालिया निशान लगाता है। उन्होंने इस दौरान एक जुझारू गीत “नाही चाली तोहरो तानाशाहिया, जागल बा बिहरिया…” गाकर कार्यकर्ताओं में चेतना जगाई। यह स्पष्ट संकेत था कि राजद आने वाले दिनों में हर उस घटना के खिलाफ आवाज उठाएगा जिसे वे अन्याय मानते हैं।
आगे का रास्ता
राजद का 29वां स्थापना दिवस केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक चक्र की तैयारी है। 5 जुलाई को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर होने वाले आगामी कार्यक्रमों का एलान करके पार्टी ने दिखा दिया है कि वे पूरे बिहार में संगठन को एक साथ गति देना चाहते हैं। तीन दशक के अनुभव के साथ, राजद अब एक नई पीढ़ी को तैयार करने और अपनी पुरानी विचारधारा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर आगे बढ़ने की योजना बना रही है। क्या यह रणनीति आगामी चुनाव में रंग लाएगी? यह तो समय ही बताएगा, लेकिन कार्यकर्ताओं का उत्साह बताता है कि राजद अभी भी चुनावी मैदान में एक बड़ी ताकत के रूप में सक्रिय है।








