Founder – Mohan Milan

तीन महीने से अधर में आजमनगर-रोहिया घाट की नीलामी, राजस्व नुकसान और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

आजमनगर-रोहिया घाट पर नाव संचालन की अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की तस्वीर जिसमें स्थानीय लोग नदी पार करने के लिए मजबूर दिख रहे हैं।

कटिहार,अंग भारत। आजमनगर प्रखंड का रोहिया घाट पिछले तीन महीने से नीलामी (डाक) नहीं होने के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घाट की नीलामी में हो रही देरी से एक ओर बिहार सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर नाव से आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा भी भगवान भरोसे है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग जिला प्रशासन से की है।

रोजाना सैकड़ों लोगों का इसी घाट से आवागमन

आजमनगर-रोहिया घाट क्षेत्र के लोगों के लिए यह घाट नदी पार करने का प्रमुख साधन है। हर दिन सैकड़ों लोग इसी रास्ते से अपने कामकाज, पढ़ाई और इलाज के लिए नदी पार करते हैं। लेकिन घाट की विधिवत नीलामी नहीं होने के कारण यहां नाव संचालन बिना किसी स्पष्ट व्यवस्था के हो रहा है। यात्रियों का कहना है कि न तो किराया तय है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर घाट की नीलामी कर दी जाती तो नाव संचालन नियमों के तहत होता और सरकार को नियमित रूप से राजस्व भी मिलता। लेकिन तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

विभागीय चुप्पी पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मामले में संबंधित विभाग के अधिकारी पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन मिला, लेकिन न तो नीलामी की प्रक्रिया शुरू हुई और न ही किसी तरह की जांच की गई।ग्रामीणों ने आशंका जताई कि कहीं न कहीं विभागीय स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत के कारण जानबूझकर नीलामी प्रक्रिया में देरी की जा रही है। उनका कहना है कि जब तक घाट की पारदर्शी तरीके से नीलामी नहीं होगी, तब तक अव्यवस्था और मनमानी जारी रहेगी।

डीएम से जांच और जल्द नीलामी की मांग

ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नाव संचालन के दौरान रसीद जारी करने की व्यवस्था लागू हो और घाट का नियमित डाक कराया जाए तो बिहार सरकार को हर महीने लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है।ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को टाला जा सके।

जदयू नेता ने भी उठाई आवाज

जदयू प्रखंड अध्यक्ष एवं विशुत्री उपाध्यक्ष सुनील सिन्हा ने भी कटिहार के जिलाधिकारी से जल्द घाट की नीलामी कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रॉयल्टी एक्ट के तहत नावों का बीमा कराया जाए, यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई जाए और घाट पर यात्री शेड, महिलाओं के लिए शौचालय तथा शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।उन्होंने कहा कि घाट की पारदर्शी नीलामी होने से न केवल सरकार को राजस्व मिलेगा, बल्कि यात्रियों को भी सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। अब स्थानीय लोगों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts
Recent Posts
App Icon