मुंबई,अंग भारत। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के फैंस के लिए एक बेहद निराश करने वाली खबर आ रही है। भारत-चीन के बीच हुए गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ (Matrubhoomi: May War Rest in Peace) की रिलीज एक बार फिर से टल गई है। पहले इस फिल्म को इसी साल अगस्त में रिलीज करने की योजना थी, लेकिन अब सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेट में आ रही अड़चनों और बॉक्स ऑफिस पर जगह न मिल पाने की वजह से इसकी रिलीज टल गई है। अंदरूनी सूत्रों की मानें तो इस विवाद का जल्द निपटारा न होने पर दर्शकों को इस फिल्म के लिए साल 2027 तक का लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
सेंसर का बड़ा पेंच
फिल्म की राह में सबसे बड़ा रोड़ा सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) यानी सेंसर बोर्ड बना हुआ है। फिल्म की कहानी साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प पर आधारित है। यह एक बेहद संवेदनशील और राजनीतिक रूप से नाजुक मुद्दा है। सूत्रों के मुताबिक, सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कुछ दृश्यों, डायलॉग्स और चीन से जुड़े राजनीतिक संदर्भों पर गंभीर आपत्तियां जताई हैं।
जब तक निर्माता इन विवादित दृश्यों को नहीं बदलते या उन पर कैंची नहीं चलाते, तब तक बोर्ड इसे अंतिम सर्टिफिकेट जारी नहीं करेगा। किसी भी सैन्य ड्रामा फिल्म के लिए रक्षा मंत्रालय (MoD) से भी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना होता है, जिससे इस फिल्म की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
गलवान घाटी का सच
अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बन रही इस फिल्म का कैनवास बहुत बड़ा है। गलवान घाटी की घटना में भारत ने अपने कई वीर जवानों को खोया था। इस घटना पर फिल्म बनाना किसी भी डायरेक्टर के लिए दोधारी तलवार पर चलने जैसा है।
“सच्ची घटनाओं, खासकर देश की सीमा और संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर फिल्म बनाते समय सिनेमाई आजादी के साथ-साथ ऐतिहासिक तथ्यों का संतुलन बनाना बेहद जरूरी होता है। थोड़ी सी भी चूक अंतरराष्ट्रीय संबंधों और जनभावनाओं को भड़का सकती है।”
फिल्म में युद्ध के दृश्यों को बहुत ही वास्तविक तरीके से फिल्माया गया है, लेकिन यही वास्तविकता अब मेकर्स के लिए गले की हड्डी बन गई है।
क्लैश से बचने की कोशिश
फिल्म के टलने की दूसरी बड़ी वजह सिनेमाघरों का खाली न होना है। बॉलीवुड में अगले डेढ़ साल का कैलेंडर पूरी तरह से बुक हो चुका है। सलमान खान और उनके निर्माता किसी भी बड़ी फिल्म के साथ बॉक्स ऑफिस पर सीधी टक्कर नहीं चाहते हैं।
- सोलो रिलीज की चाह: सलमान खान की फिल्में बड़े बजट की होती हैं। उन्हें अपनी लागत वसूलने और बंपर कमाई करने के लिए कम से कम दो हफ्ते का सोलो रन (बिना किसी टक्कर के) चाहिए होता है।
- त्योहारों पर नजर: भाईजान के नाम से मशहूर सलमान हमेशा ईद, दिवाली या क्रिसमस जैसे बड़े मौकों पर ही अपनी फिल्में लाना पसंद करते हैं, जो फिलहाल पहले से बुक हैं।
- डिस्ट्रीब्यूशन का दबाव: वितरक भी इस संवेदनशील मुद्दे वाली फिल्म को किसी अन्य मसालेदार मनोरंजक फिल्म के सामने उतारने का जोखिम नहीं लेना चाहते।
2027 का नया गणित
अगर यह फिल्म अगले साल यानी 2026 तक भी रिलीज नहीं हो पाती है, तो साल 2027 सलमान खान के प्रशंसकों के लिए डबल धमाका साबित हो सकता है। उस समय सलमान की दो बड़ी फिल्में सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती हैं।
एक तरफ जहां ‘मातृभूमि’ को नई तारीख मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ उनकी बहुचर्चित फिल्म ‘एसवीसी63’ (SVC63) भी 2027 की ईद पर रिलीज होने के लिए कतार में है। इस फिल्म में उनके साथ दक्षिण भारतीय सिनेमा की लेडी सुपरस्टार नयनतारा मुख्य भूमिका में दिखाई देंगी।
आगामी फिल्मों का ब्यौरा
सलमान खान के आने वाले प्रोजेक्ट्स पर नजर डालें तो उनकी पाइपलाइन में कई बड़े बजट की फिल्में शामिल हैं। नीचे दी गई तालिका से आप उनके आगामी सफर को समझ सकते हैं:
| फिल्म का नाम | मुख्य स्टारकास्ट | संभावित रिलीज वर्ष | स्थिति (स्टेटस) |
|---|---|---|---|
| सिकंदर (Sikandar) | सलमान खान, रश्मिका मंदाना | ईद 2025 | शूटिंग जारी |
| एसवीसी63 (SVC63) | सलमान खान, नयनतारा | ईद 2027 | प्री-प्रोडक्शन |
| मातृभूमि (Matrubhoomi) | सलमान खान व अन्य | 2026 या 2027 | सेंसर बोर्ड में लंबित |
दर्शकों का बढ़ता इंतजार
सलमान खान के फैंस पिछले कुछ समय से बड़े पर्दे पर उनके सिग्नेचर एक्शन अवतार को देखने के लिए तरस रहे हैं। ‘मातृभूमि’ जैसी देशभक्ति से ओतप्रोत फिल्म से उन्हें काफी उम्मीदें थीं। अपूर्व लाखिया इससे पहले ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी रियलिस्टिक फिल्में बना चुके हैं, इसलिए इस फिल्म को लेकर सिनेमा प्रेमियों में भारी उत्सुकता थी।
अब गेंद पूरी तरह से फिल्म के निर्माताओं और सेंसर बोर्ड के पाले में है। अगर मेकर्स बोर्ड के सुझाए गए बदलावों को मानने के लिए तैयार हो जाते हैं, तो शायद फिल्म अगले साल के मध्य तक रिलीज हो जाए। अन्यथा, दर्शकों को धैर्य रखना होगा और सलमान को दोबारा देश के रक्षक के रूप में देखने के लिए साल 2027 का इंतजार करना होगा।








