असम,अंग भारत। असम के कामरूप जिले के पलाशबाड़ी क्षेत्र में शनिवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। बाजारापारा इलाके में हुई इस दर्दनाक टक्कर में चार युवकों की मौत हो गई, जिसने पूरे इलाके में मातम फैला दिया है। दो तेज रफ्तार बाइकों की सीधी टक्कर इतनी भयावह थी कि तीन युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, वहीं चौथे युवक ने अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
हादसे का मंजर
शनिवार की रात जब स्थानीय लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, तभी बाजारापारा की सड़क पर चीख-पुकार सुनाई दी। चश्मदीदों के अनुसार, दो मोटरसाइकिलें विपरीत दिशाओं से आ रही थीं और उनकी रफ्तार इतनी अधिक थी कि ड्राइवरों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए। मलबे और खून से सनी सड़क पर बिखरी चीजें हादसे की तीव्रता को बयां कर रही थीं। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मृतकों की पहचान
इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले चार युवकों में से तीन की पहचान प्रशासन ने कर ली है। मृतकों के नाम इस प्रकार हैं:
- ज्योति कलिता
- निखिल दास
- चंदन जाना
चौथे युवक की पहचान करने के लिए पुलिस अभी भी प्रयास कर रही है और उसके पास से मिले दस्तावेजों या अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। सभी शवों को कानूनी औपचारिकताओं के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि घटना से जुड़े हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके।
अस्पताल की कोशिशें
हादसे के बाद एक युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में तड़प रहा था। उसे तुरंत एंबुलेंस की मदद से गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) ले जाया गया। मेडिकल टीम ने उसे बचाने के लिए गहन चिकित्सा शुरू की, लेकिन सिर में गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसने कुछ ही घंटों में दम तोड़ दिया। उसके निधन की सूचना मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजनों का धैर्य जवाब दे गया।
तेज रफ्तार पर नाराजगी
पलाशबाड़ी के स्थानीय निवासियों ने इस घटना के बाद सड़कों पर हो रही लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश जताया है। इलाके के लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब तेज रफ्तार के कारण किसी ने अपनी जान गंवाई है। लोगों के बीच कुछ मुख्य चिंताएं उभर कर सामने आई हैं:
- सीमित गश्त: देर रात के समय सड़कों पर यातायात पुलिस की निगरानी न के बराबर रहती है।
- तेज रफ्तार का कहर: युवा अक्सर सड़कों पर स्टंट करने या रेसिंग करने की कोशिश करते हैं, जो घातक साबित होती है।
- सड़क सुरक्षा के इंतजाम: कई रास्तों पर गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) और साइनबोर्ड्स का अभाव है, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
पुलिस का रुख
पुलिस अधिकारियों ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को ही हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन अधिकारी मामले के हर कोण को खंगाल रहे हैं। प्रशासन ने सार्वजनिक अपील जारी करते हुए कहा है कि सड़क पर सुरक्षा सर्वोपरि है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करना और निर्धारित गति सीमा के भीतर चलना न केवल खुद की जान बचाता है, बल्कि दूसरों के जीवन को भी सुरक्षित रखता है। आने वाले दिनों में पुलिस क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की योजना बना रही है ताकि इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो।








