अररिया,अंग भारत। बिहार के अररिया जिले में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। जिले के कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए, बिजली के तार टूट गए और यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। एनएच-27, एनएच-327 ई, स्टेट हाइवे और ग्रामीण सड़कों पर दर्जनों स्थानों पर पेड़ गिरने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
Read more……….नीट परीक्षार्थियों के लिए बिहार में सरकारी बसें मुफ्त
मुख्य बाजारों में गिरे पेड़, कई दुकानें क्षतिग्रस्त
अररिया नगर, भरगामा और फारबिसगंज के मुख्य बाजारों में तेज हवा के कारण कई बड़े पेड़ धराशायी हो गए। फारबिसगंज सदर रोड स्थित रेलवे स्टेशन चौक के पास एक विशाल पीपल का पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क किनारे दुकानों पर गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आने से चार दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा सड़क किनारे खड़ी करीब पांच मोटरसाइकिलें भी बुरी तरह टूट गईं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा और बारिश के कारण इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कई लोग जान बचाने के लिए दुकानों और घरों में शरण लेते नजर आए।
सदर रोड पर आवागमन ठप, रातभर चला राहत कार्य
फारबिसगंज सदर रोड स्टेशन चौक के पास एक होटल पर भी विशाल पेड़ गिर गया, जिससे सड़क पर आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। घटना के बाद नगर परिषद की टीम रात से ही राहत और बचाव कार्य में जुटी रही। कर्मियों ने पेड़ की टहनियां काटकर रास्ता साफ करने का प्रयास किया।वहीं बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी रातभर क्षतिग्रस्त बिजली तारों को ठीक करने में लगे रहे। कई इलाकों में बिजली सेवा अब भी बाधित है, जिससे लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी।
कच्चे घरों की छत उड़ी, ग्रामीणों पर टूटा संकट
तेज आंधी के कारण जिले के ग्रामीण इलाकों में दर्जनों कच्चे मकानों की टीन और एस्बेस्टस की छत उड़ गई। कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत सहायता की मांग की है।
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
आंधी और भारी बारिश ने किसानों की कमर भी तोड़ दी है। खेतों में तैयार मक्का की फसल बारिश में पूरी तरह भींग गई। कई जगहों पर फसल जमीन पर गिर गई, जबकि थ्रेसिंग के लिए रखी गई उपज पानी में खराब हो गई। किसानों का कहना है कि उन्हें लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा है।स्थानीय लोगों के मुताबिक, रातभर चला तूफान जिलेवासियों के लिए किसी कहर से कम नहीं था। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।











One Response