भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज को देश ने किया नमन
नई दिल्ली,अंग भारत। पूर्व अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज और प्रसिद्ध कोच जसपाल राणा के निधन से देशभर में शोक की लहर है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया समेत कई वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। भारतीय खेल जगत ने इसे एक बड़ी क्षति बताया है।
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राष्ट्रपति मुर्मु ने बताया प्रेरणास्रोत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि जसपाल राणा के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से देश को वैश्विक स्तर पर गौरवान्वित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि एक खिलाड़ी और मार्गदर्शक के रूप में उन्होंने अनेक युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाया और उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
ओम बिरला बोले- खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि जसपाल राणा ने वर्षों तक अपनी निशानेबाजी से विश्व मंच पर भारत का परचम लहराया। उन्होंने विशेष रूप से 2006 एशियाई खेलों में उनके शानदार प्रदर्शन को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। बिरला ने उनके जाने को भारतीय खेल जगत के लिए गहरी क्षति बताया।
खेल मंत्री मांडविया ने याद की उनकी विरासत
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि जसपाल राणा ने एक चैंपियन खिलाड़ी और उत्कृष्ट कोच के रूप में देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय खेलों में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनकी प्रेरणादायक विरासत खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी।
राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा ने भी जताया दुख
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जसपाल राणा केवल एक बेहतरीन खिलाड़ी और कोच ही नहीं, बल्कि बेहद सरल और नेकदिल इंसान भी थे। उन्होंने भारत में शूटिंग को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि जसपाल ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार उपलब्धियां हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया।
नई प्रतिभाओं को निखारने में निभाई अहम भूमिका
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण से देश को कई गौरवपूर्ण क्षण दिए। खिलाड़ी से लेकर कोच तक के उनके सफर ने भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
निशानेबाजी जगत में छोड़ गए अमिट छाप
49 वर्ष की आयु में जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में अनेक पदक जीतने वाले राणा ने बाद में कोच के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और कई युवा निशानेबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।









