मई 2026 की रैंकिंग में बांका ने हासिल किया शीर्ष स्थान
बांका,अंग भारत। सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के क्षेत्र में एक बार फिर बांका जिले ने राज्य स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम एवं बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत जारी मई 2026 की मासिक रैंकिंग में बांका जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए लोक शिकायत निवारण श्रेणी में प्रथम तथा लोक सेवा प्रदायगी श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि ने जिले के प्रशासनिक तंत्र की कार्यकुशलता और जनकेंद्रित दृष्टिकोण को और अधिक सुदृढ़ किया है।
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शिकायतों के त्वरित निष्पादन में दिखी प्रशासनिक दक्षता
सामान्य प्रशासन विभाग के तहत बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी द्वारा जारी इस रैंकिंग में बांका जिले को शिकायतों के त्वरित निस्तारण और नागरिक सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता के लिए उच्च स्थान प्रदान किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी और अनुश्रवण व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इसके परिणामस्वरूप आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल रहा है और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ा है।लगातार शीर्ष स्थानों पर बने रहना यह दर्शाता है कि जिले में प्रशासनिक कार्य संस्कृति व्यवस्थित, जवाबदेह और जनहित केंद्रित है। अधिकारियों की सक्रिय भूमिका और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है।
सेवा में लापरवाही पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नागरिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत समय पर सेवा उपलब्ध नहीं कराने के मामले में बेलहर के एक राजस्व अधिकारी पर ₹6,000 का दंड अधिरोपित किया गया है। प्रशासन ने यह राशि वसूल भी कर ली है।यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि जिले में सेवा प्रदायगी प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सख्ती से नियमों का पालन कराया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अन्य अधिकारियों को भी समयबद्ध सेवा देने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
प्रभावी नेतृत्व और अनुश्रवण बना सफलता का आधार
इस उपलब्धि का श्रेय जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रशासनिक अनुशासन को दिया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में जिले में शिकायत निवारण और सेवा प्रदायगी प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।इसके अलावा अपर समाहर्ता सह लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह द्वारा लगातार की गई निगरानी और अनुश्रवण ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही जिला आईटी प्रबंधक प्रमोद कुमार चौधरी के तकनीकी सहयोग से शिकायत निस्तारण प्रक्रिया को डिजिटल रूप से अधिक तेज और पारदर्शी बनाया गया है।
तकनीकी और मानव संसाधन का बेहतर समन्वय
जिले में कार्यरत आईटी सहायकों, कार्यपालक सहायकों और अन्य कर्मियों के समन्वित प्रयासों से शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग से न केवल शिकायतों का त्वरित समाधान हो रहा है, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार देखा जा रहा है।प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी इसी तरह जनसेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए कार्य किया जाएगा, ताकि बांका जिला राज्य में मॉडल जिले के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर सके।
जनकेंद्रित प्रशासनिक मॉडल की मिसाल बना बांका
लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए बांका जिला अब एक जनकेंद्रित प्रशासनिक मॉडल के रूप में उभर रहा है। राज्य रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि यहां की प्रशासनिक व्यवस्था जनता की जरूरतों के अनुरूप कार्य कर रही है।










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