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चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ राजनीतिक दलों के साथ बैठक करने कोलकाता पहुंची

कोलकाता,अंग भारत। पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों की तैयारियों और मतदाता सूची में सुधार के ज्वलंत मुद्दों के बीच भारत निर्वाचन आयोग की 12 सदस्यीय पूर्ण पीठ रविवार रात कोलकाता पहुंच चुकी है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आया यह उच्च स्तरीय दल सोमवार को राज्य के आठ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बेहद महत्वपूर्ण बैठकें करेगा। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से जुड़ी शिकायतों का निपटारा करना और आगामी चुनावों के लिए एक पारदर्शी ढांचा तैयार करना है। बंगाल की राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों को लेकर राज्य में सियासी पारा पहले से ही चढ़ा हुआ है।

हवाई अड्डे पर स्वागत

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिह संधू और विवेक जोशी के कोलकाता हवाई अड्डे पर पैर रखते ही प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई। आयोग के इस उच्च स्तरीय दल का स्वागत करने के लिए राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और मुख्य निर्वाचन अधिकारी खुद हवाई अड्डे पर मौजूद थे। इस दल में दो उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग और पवन कुमार शर्मा भी शामिल हैं। इनके अलावा, रविवार दोपहर ही उप निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश भारती कोलकाता पहुंच चुके थे। आयोग के इस भारी-भरकम दल में महानिदेशक आशिष गोयल, उप निदेशक पी पवन, अपूर्व कुमार सिह और वीडियो संपादक रंजीत कुमार श्रीवास्तव भी शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर अधिकारियों का बंगाल आना यह साफ संकेत देता है कि चुनाव आयोग राज्य की जमीनी स्थिति और चुनावी मशीनरी की समीक्षा को लेकर कितना गंभीर है।

दलों के लिए 15 मिनट

सोमवार को होने वाली बैठक में आयोग राज्य और केंद्र स्तर की आठ मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के साथ सीधा संवाद करेगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक दल के साथ अलग से चर्चा होगी और अपनी बात रखने के लिए हर पार्टी को ठीक 15 मिनट का समय दिया जाएगा। समय की यह सीमा बेहद कसी हुई है, जिससे राजनीतिक दलों को अपनी बात बेहद सटीक और तार्किक ढंग से रखनी होगी। इस संक्षिप्त बैठक के दौरान दल मुख्य रूप से मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और फर्जी मतदाताओं की पहचान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अपनी शिकायतें और सुझाव सौंपेंगे।

तृणमूल की नई रणनीति

इस पूरी बैठक में सबसे ज्यादा ध्यान सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल पर रहने वाला है। इस बार पार्टी ने एक बेहद अप्रत्याशित फैसला लिया है। तृणमूल के प्रतिनिधिमंडल में राज्य पुलिस के पूर्व महानिदेशक और वर्तमान में राज्यसभा उम्मीदवार राजीव कुमार शामिल रहेंगे। यह पहला मौका है जब पूर्व भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी राजीव कुमार सत्तारूढ़ दल की ओर से किसी आधिकारिक बैठक में प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रशासनिक बारीकियों और पुलिस तंत्र के कामकाज के गहरे अनुभव के कारण राजीव कुमार की मौजूदगी इस बैठक को एक नया रुख दे सकती है। तृणमूल सूत्रों के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में उनके साथ राज्य सरकार के दो वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हाकिम और चंद्रिमा भट्टाचार्य भी शामिल रहेंगे।

जमीन पर भारी विरोध

निर्वाचन आयोग की पीठ का स्वागत केवल प्रशासनिक प्रोटोकॉल से नहीं, बल्कि सड़क पर चल रहे तीखे विरोध प्रदर्शनों से भी हुआ। रविवार रात जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का काफिला वीआईपी रोड से गुजर रहा था, तब वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाकर आयोग के आगमन का विरोध किया। दूसरी तरफ, विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण में हो रही कथित गड़बड़ियों के खिलाफ सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का धरना प्रदर्शन रविवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दोहरे विरोध ने राज्य में चुनावी माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है।

मतदाता सूची के आंकड़े

बंगाल में इस समय सबसे बड़ा विवाद मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर लंबित पड़े मामलों को लेकर है। आयोग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य में फिलहाल करीब 60 लाख विचाराधीन मतदाताओं के मामले अटके हुए हैं। इनमें से अब तक केवल आठ लाख मामलों का ही निपटारा किया जा सका है। शेष 52 लाख मामलों का समय पर समाधान न होना राजनीतिक दलों के बीच अविश्वास की एक बड़ी वजह बन गया है। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से काटे जा रहे हैं, जबकि विरोधी दलों का दावा है कि फर्जी मतदाताओं को हटाने की प्रक्रिया में ढिलाई बरती जा रही है। इन आंकड़ों और दावों के बीच संतुलन बनाना आयोग के लिए इस दौरे की सबसे बड़ी चुनौती है।

मुख्य बिंदु महत्वपूर्ण विवरण
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार
कुल सदस्य संख्या 12 सदस्यीय पूर्ण पीठ
आमंत्रित राजनीतिक दल 8 मान्यता प्राप्त दल (प्रत्येक के लिए 15 मिनट निर्धारित)
मतदाता सूची मामले 60 लाख विचाराधीन मामलों में से 8 लाख का निपटारा पूरा

बंगाल के इस दौरे के दौरान आयोग की प्राथमिकता कानून व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी है कि मतदाता सूची पूरी तरह निष्पक्ष और त्रुटिहीन हो। सोमवार की बैठक के बाद आयोग के कड़े रुख और प्रशासनिक निर्देशों से यह साफ हो जाएगा कि बंगाल में आगामी चुनावों का खाका किस तरह तैयार होने वाला है।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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