पटना,अंग भारत। शुक्रवार को बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पटना में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विधानसभा प्रशासन को एक अज्ञात ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें विधानसभा परिसर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। इस धमकी के तुरंत बाद, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए आपात बैठक बुलाई और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। फिलहाल, परिसर के चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली जा रही है और साइबर सेल उस ईमेल के सोर्स का पता लगाने में जुटी है, ताकि साजिशकर्ताओं तक पहुंचा जा सके।
सुरक्षा में भारी बढ़ोतरी
धमकी मिलने के तत्काल बाद विधानसभा की सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया गया है। मुख्य प्रवेश द्वारों से लेकर गलियारों तक, पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है या अत्यंत कड़ाई के साथ चेकिंग के बाद ही अनुमति दी जा रही है।
- परिसर में अतिरिक्त सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की गई है।
- आने-जाने वाले हर वाहन और व्यक्ति की डॉग स्क्वॉड और मेटल डिटेक्टर से जांच हो रही है।
- विधानसभा के भीतर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने बिना देरी किए प्रभारी सचिव ख्याति सिंह को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निर्देश के अनुसार, बिहार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस घटना से अवगत करा दिया गया है।
राज्य सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी चूक के मामले की जांच करें। विधानसभा परिसर, जो राज्य की सबसे सुरक्षित इमारतों में से एक माना जाता है, वहां इस तरह की धमकी ने सुरक्षा तंत्र के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।
साइबर सेल की जांच
पुलिस और विशेष जांच दल अब तकनीकी पहलुओं पर काम कर रहे हैं। जिस ईमेल आईडी से यह धमकी भेजी गई है, उसकी आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत हो सकती है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं ले रही हैं।
मामले की जांच के लिए गठित विशेष टीम निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
| जांच का मुख्य बिंदु | उद्देश्य |
|---|---|
| ईमेल का स्रोत | किस सर्वर या डिवाइस का उपयोग हुआ। |
| लोकेशन ट्रैकिंग | क्या ईमेल वीपीएन या प्रॉक्सी का उपयोग कर भेजा गया। |
| धमकी की भाषा | लेखन शैली से अपराधी की मानसिकता का पता लगाना। |
सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में वरीय पदाधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर के भीतर डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोजल टीम के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया है। डॉ. प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र के इस मंदिर की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अभी तक की प्राथमिक जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, जो एक राहत की बात है। फिर भी, पुलिस बल किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे मुस्तैद है। अधिकारियों का कहना है कि वे न केवल ईमेल भेजने वाले की पहचान कर रहे हैं, बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तकनीकी सुरक्षा घेरे को और मजबूत कर रहे हैं।
जनता और प्रशासन की सतर्कता
इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर कोई भी सूचना नजरअंदाज नहीं की जा सकती। राज्य पुलिस के आला अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। बिहार विधानसभा प्रशासन ने भी निर्देश दिए हैं कि परिसर में किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाई जाए और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा किया जाए।
फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है और विधानसभा के नियमित कामकाज में व्यवधान न आए, इसका ध्यान रखा जा रहा है। जांच एजेंसियां अपनी रिपोर्ट जल्द ही सरकार को सौंप सकती हैं, जिसके बाद ही दोषियों पर कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो पाएगी।








