अहमदाबाद, अंगभारत। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से शिकस्त देकर एक बार फिर से विश्व कप ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया है। खिताबी भिड़ंत में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 255 रनों का ऐतिहासिक स्कोर खड़ा किया था। जवाब में रनों के इस विशाल पहाड़ जैसी चुनौती का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सधे हुए आक्रमण के सामने टिक नहीं पाई और 19 ओवरों में महज 159 रनों पर ही ढेर हो गई। इस शानदार जीत के साथ ही टीम इंडिया ने तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है। इससे पहले भारत ने साल 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पहली बार और फिर साल 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में यह प्रतिष्ठित कप जीता था। अब इस कड़ी में स्टार खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव का नाम भी बतौर विश्व विजेता कप्तान इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है।
धमाकेदार ओपनिंग साझेदारी
फाइनल जैसे बड़े और दबाव वाले मुकाबले में भारतीय टीम को एक मजबूत और आक्रामक शुरुआत की दरकार थी। पारी की शुरुआत करने आए युवा सनसनी अभिषेक शर्मा और विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने मैदान पर कदम रखते ही कीवी गेंदबाजों की बखिया उधेड़नी शुरू कर दी। पिछले कुछ मैचों से खामोश चल रहे अभिषेक शर्मा ने सबसे सही मौके पर फॉर्म में वापसी की। उन्होंने मैदान के हर कोने में हवाई शॉट्स लगाए और मात्र 21 गेंदों में 52 रनों की ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान अभिषेक ने 6 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के जड़े। अभिषेक ने संजू सैमसन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए केवल 43 गेंदों में 98 रनों की बेहद आक्रामक साझेदारी निभाई। इस विस्फोटक शुरुआत ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को शुरू से ही बैकफुट पर धकेल दिया। आखिरकार स्पिनर रचिन रवींद्र ने अभिषेक को आउट करके इस खतरनाक होती जा रही साझेदारी को तोड़ा।
सैमसन-ईशान का तूफान
अभिषेक शर्मा के पवेलियन लौटने के बाद भी भारतीय पारी की रफ्तार में कोई कमी नहीं आई। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए ईशान किशन ने क्रीज पर आते ही संजू सैमसन का बखूबी साथ निभाया। दोनों ने मिलकर न्यूजीलैंड के स्पिन और तेज गेंदबाजों पर चौतरफा हमला बोल दिया। संजू सैमसन इस मुकाबले में अपनी जिंदगी की सबसे बेहतरीन फॉर्म में नजर आए। उन्होंने इस टूर्नामेंट में लगातार अपना तीसरा अर्धशतक पूरा किया। संजू और ईशान के बीच दूसरे विकेट के लिए महज 48 गेंदों में 105 रनों की एक और विशाल शतकीय साझेदारी हुई। ईशान किशन ने भी कीवी गेंदबाजों को आड़े हाथों लेते हुए 25 गेंदों में 4 चौके और 4 छक्कों की मदद से 54 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली। ऐसा लग रहा था कि सैमसन आज अपना शतक आसानी से पूरा कर लेंगे, लेकिन वह बदकिस्मत रहे और 46 गेंदों में 5 चौके और 8 छक्कों की मदद से 89 रन बनाकर आउट हो गए।
नीशम का घातक ओवर
एक समय भारतीय टीम बेहद मजबूत स्थिति में दिख रही थी और स्कोरबोर्ड पर 300 रन बनते हुए साफ नजर आ रहे थे। 15 ओवरों की समाप्ति के बाद भारत का स्कोर 1 विकेट के नुकसान पर 203 रन था। लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, और यह बात 16वें ओवर में सच साबित हुई। न्यूजीलैंड के अनुभवी ऑलराउंडर जेम्स नीशम ने इस ओवर में मैच का रुख पलटने की कोशिश की। नीशम ने अपने इस एक ही ओवर में तीन बड़े झटके देकर भारतीय खेमे को हिला दिया। उन्होंने अर्धशतक बना चुके संजू सैमसन, ईशान किशन और कप्तान सूर्यकुमार यादव को पवेलियन भेज दिया। कप्तान सूर्यकुमार यादव तो इस बड़े मैच में अपना खाता भी नहीं खोल पाए। इस पूरे ओवर में भारत ने केवल 1 रन बनाया और अपने तीन मुख्य विकेट गंवा दिए। इसके बाद रनों की गति अचानक बेहद धीमी पड़ गई। 17वें ओवर में भारत केवल 7 रन बना सका, जबकि 18वें ओवर में सिर्फ 9 रन आए। 19वें ओवर में उपकप्तान हार्दिक पांड्या भी 13 गेंदों में 18 रन बनाकर आउट हो गए।
दुबे की तूफानी फिनिशिंग
मध्यक्रम के अचानक ढहने के बाद भारत को अंत में एक मजबूत फिनिश की जरूरत थी। मैदान पर मौजूद ऑलराउंडर शिवम दुबे ने आखिरी ओवर में अपनी ताकत का जबरदस्त मुजाहिरा पेश किया। दुबे ने सिर्फ 8 गेंदों का सामना किया और 3 चौके और 2 छक्के ठोकते हुए नाबाद 26 रन बना डाले। उनके इस कैमियो की बदौलत भारत ने आखिरी यानी 20वें ओवर में कुल 24 रन बटोरे, जिसने भारतीय स्कोर को 250 रनों के पार पहुंचा दिया। युवा तिलक वर्मा भी 6 गेंदों में 8 रन बनाकर नाबाद लौटे। न्यूजीलैंड की तरफ से जेम्स नीशम सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 3 विकेट चटकाए, जबकि मैट हेनरी और रचिन रवींद्र को 1-1 सफलता हाथ लगी।
कीवी टीम का पतन
256 रनों के विशालकाय लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव नहीं झेल पाई। भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करते हुए कीवी बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया। न्यूजीलैंड के विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। टीम के केवल तीन बल्लेबाज ही दहाई का आंकड़ा छूने में कामयाब रहे, जबकि बाकी बल्लेबाज सिंगल डिजिट स्कोर पर पवेलियन लौट गए। सलामी बल्लेबाज फिन एलेन केवल 9 रन बना सके, जबकि रचिन रवींद्र 1 रन, ग्लेन फिलिप्स 5 रन, मार्क चैपमैन 3 रन, जेम्स नीशम 8 रन और जेकब डफी 3 रन बनाकर सस्ते में आउट हो गए। तेज गेंदबाज मैट हेनरी तो खाता भी नहीं खोल सके। विकेटकीपर बल्लेबाज टिम साइफर्ट ने जरूर थोड़ा संघर्ष दिखाया और 26 गेंदों में 52 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। मिचेल सैंटनर ने भी कुछ अच्छे शॉट्स खेलते हुए 35 गेंदों में 43 रन बनाए, और डेरिल मिचेल ने 17 रनों का योगदान दिया। पूरी कीवी टीम 19 ओवरों में महज 159 रनों पर सिमट गई और भारत ने 96 रनों के विशाल अंतर से ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
टूट गए पुराने रिकॉर्ड
इस महामुकाबले में भारतीय टीम ने न केवल वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई, बल्कि रिकॉर्ड्स बुक को भी पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। फाइनल में भारत द्वारा बनाया गया 255/5 का स्कोर टी20 विश्व कप इतिहास के फाइनल मुकाबले का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारत ने अपना ही दो साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो उन्होंने 2024 के टी20 विश्व कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 7 विकेट पर 176 रन बनाकर सेट किया था।
भारतीय टीम के बल्लेबाजों का योगदान इस प्रकार रहा:
| बल्लेबाज | रन | गेंदे | चौके/छक्के | स्ट्राइक रेट |
|---|---|---|---|---|
| संजू सैमसन | 89 | 46 | 5/8 | 193.47 |
| ईशान किशन | 54 | 25 | 4/4 | 216.00 |
| अभिषेक शर्मा | 52 | 21 | 6/3 | 247.61 |
| शिवम दुबे | 26* | 8 | 3/2 | 325.00 |
| हार्दिक पांड्या | 18 | 13 | 0/0 | 138.46 |
यह ऐतिहासिक खिताबी जीत भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम दौर को बयां करती है। विपक्षी टीम की कमजोर कड़ियों का भारतीय बल्लेबाजों ने बखूबी फायदा उठाया और एक ऐसे मुकाबले में जहाँ दबाव सबसे ज्यादा होता है, वहाँ भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाकर खुद को टी20 प्रारूप का असली सरताज साबित किया।








