मुंबई, अंग भारत। भारतीय क्रिकेट टीम ने सांसें रोक देने वाले एक बेहद रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को 7 रन से हराकर आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग सेमीफाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 253 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम तमाम कोशिशों के बावजूद 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 246 रन ही बना सकी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही टीम इंडिया अब लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच चुकी है, जहां उसका मुकाबला 08 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड से होगा। यह मैच लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में रहेगा क्योंकि दोनों ही टीमों ने जीत के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी।
संजू सैमसन का तूफान और भारतीय बल्लेबाजी का दबदबा
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा जल्दी पवेलियन लौट गए, जिससे स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया था। लेकिन इसके बाद क्रीज पर आए संजू सैमसन ने मैच का रुख ही बदल दिया। सैमसन ने मैदान के चारों तरफ शॉट्स खेले और इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर क्लास ली। उन्होंने महज 42 गेंदों में 89 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 8 शानदार चौके और 7 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। सैमसन की इस पारी ने टीम इंडिया को मैच में फ्रंट फुट पर ला खड़ा किया।
सैमसन को दूसरे छोर से ईशान किशन का बेहतरीन साथ मिला। दोनों ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 37 गेंदों में 97 रनों की साझेदारी की। किशन ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए 18 गेंदों में 39 रन कूट दिए। इसके बाद मध्यक्रम में शिवम दुबे ने 25 गेंदों में 43 रनों की तेज पारी खेलकर टीम के बड़े स्कोर की नींव को और मजबूत किया। आखिरी ओवरों में जब रनों की गति थोड़ी धीमी होने का डर था, तब हार्दिक पांड्या (12 गेंदों में 27 रन) और युवा तिलक वर्मा (7 गेंदों में 21 रन) ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए भारत का स्कोर 250 के पार पहुंचा दिया।
इंग्लैंड की गेंदबाजी की कमजोरी आई सामने
- इंग्लैंड के मुख्य गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और आदिल रशीद भारतीय बल्लेबाजों पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम रहे।
- वानखेड़े की सपाट पिच और छोटी बाउंड्री का भारतीय बल्लेबाजों ने भरपूर फायदा उठाया।
- सैम करन के आखिरी ओवरों में रन लुटाने से इंग्लैंड की मैच में वापसी की उम्मीदें कमजोर हुईं।
जैकब बैथल का शतक और इंग्लैंड का साहसिक पलटवार
254 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने शुरुआती झटके देकर इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया था। इसके बाद स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने भी एक विकेट लेकर इंग्लैंड पर दबाव बढ़ा दिया। पावरप्ले में ही तीन बड़े विकेट गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से यह मैच जीत जाएगा, लेकिन कहानी में ट्विस्ट आना अभी बाकी था।
इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बैथल ने अकेले दम पर मैच का पासा पलटना शुरू किया। उन्होंने जोस बटलर, टॉम बैंटन और फिर विल जैक्स के साथ मिलकर छोटी लेकिन बेहद तेज साझेदारियां कीं। बैथल ने मैदान पर आते ही भारतीय स्पिनरों को निशाना बनाया। उन्होंने केवल 48 गेंदों में अपना शानदार शतक पूरा किया। उनकी इस पारी ने भारतीय खेमे में खलबली मचा दी और कप्तान के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं।
डेथ ओवर्स का रोमांच: जहां भारत ने छीनी जीत
मैच जब अपने आखिरी दौर में पहुंचा, तब रोमांच चरम पर था। 17 ओवर के बाद इंग्लैंड का स्कोर 209 रन हो चुका था और उन्हें जीत के लिए आखिरी 18 गेंदों में 45 रनों की जरूरत थी। क्रीज पर शतकवीर जैकब बैथल जमे हुए थे, जिससे मैच पूरी तरह इंग्लैंड की तरफ झुकता नजर आ रहा था। ऐसे नाजुक मौके पर कप्तान ने गेंद जसप्रीत बुमराह को सौंपी।
बुमराह ने अपने अनुभव का परिचय देते हुए 18वें ओवर में केवल 6 रन दिए और इंग्लैंड के बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया। इसके बाद 19वें ओवर में गेंदबाजी करने आए हार्दिक पांड्या ने खतरनाक दिख रहे सैम करन को आउट करके इंग्लैंड पर दबाव को दोगुना कर दिया। आखिरी ओवर में जीत के लिए 21 रन चाहिए थे और कप्तान ने एक बड़ा जोखिम लेते हुए गेंद शिवम दुबे के हाथ में दी।
शिवम दुबे के इस ओवर की पहली ही गेंद पर एक बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में जैकब बैथल (105 रन) रन आउट हो गए। बैथल के आउट होते ही इंग्लैंड की बची-खुची उम्मीदें भी खत्म हो गईं। दुबे ने बाकी बची गेंदों पर कसी हुई गेंदबाजी की और इंग्लैंड की टीम केवल 246 रन ही बना सकी, जिससे भारत ने 7 रन से यह सांस रोक देने वाला मैच जीत लिया।
फाइनल की चुनौती: अहमदाबाद में न्यूजीलैंड से भिड़ंत
इस रोमांचक जीत के बाद अब भारतीय टीम का हौसला सातवें आसमान पर है। भारतीय टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची है और खिताब बचाने से महज एक कदम दूर है। हालांकि, फाइनल की राह इतनी आसान नहीं होने वाली है क्योंकि सामने न्यूजीलैंड की टीम है, जो अपने शांत स्वभाव और सटीक रणनीति के लिए जानी जाती है।
08 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले इस महामुकाबले में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। नरेंद्र मोदी स्टेडियम की बड़ी बाउंड्री और पिच का मिजाज मुंबई से काफी अलग होगा, ऐसे में भारतीय टीम मैनेजमेंट को अपनी रणनीति में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं। भारतीय प्रशंसकों को पूरी उम्मीद होगी कि संजू सैमसन, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह अपनी इसी फॉर्म को फाइनल में भी दोहराएंगे और देश को एक बार फिर विश्व विजेता बनाएंगे।








