पूर्वी सिहभूम,अंग भारत| पूर्वी सिंहभूम जिले के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में ईस्ट प्लांट बस्ती के निकट गुरुवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक महिला और दो स्कूली बच्चे शामिल हैं। यह घटना तब हुई जब साकची से बर्मामाइंस की ओर जा रही यात्रियों से भरी एक टेंपो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों और घायल स्कूली छात्र लक्की, जो प्रेम नगर का निवासी है, के बयानों के अनुसार, चालक की लापरवाही और नशे की हालत में तेज गति से वाहन चलाना ही इस दुर्घटना का मुख्य कारण था। घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को बाहर निकाला और बर्मामाइंस थाना पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हादसे का आँखों देखा हाल
दुर्घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि टेंपो की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक मोड़ पर वाहन को संभाल ही नहीं पाया। सुबह का समय होने के कारण टेंपो में यात्रियों की भारी भीड़ थी, जिनमें स्कूल जाने वाले बच्चे भी सवार थे। जैसे ही ईस्ट प्लांट बस्ती के पास गाड़ी पहुंची, असंतुलन बिगड़ने से वह सीधे सड़क के किनारे जा गिरी। टेंपो पलटते ही यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
चालक की गंभीर लापरवाही
इस हादसे ने सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का स्पष्ट आरोप है कि टेंपो चालक शराब के नशे में धुत था। नशे की स्थिति में वाहन चलाना न केवल चालक के लिए, बल्कि उसमें सवार मासूम स्कूली बच्चों और अन्य यात्रियों के जीवन के लिए भी बड़ा खतरा है। लक्की ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि गाड़ी में सवार सभी यात्री चालक को बार-बार धीमी गति से चलने के लिए कह रहे थे, लेकिन उसने किसी की एक न सुनी।
- घटना का समय: गुरुवार सुबह
- स्थान: ईस्ट प्लांट बस्ती, बर्मामाइंस
- पीड़ित: एक महिला और दो स्कूली बच्चे
- मुख्य कारण: तेज रफ्तार और चालक का नशे में होना
स्थानीय लोगों की भूमिका
घटना के तत्काल बाद जिस तरह से स्थानीय लोगों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई, वह सराहनीय है। स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस का इंतजार किए बिना ही अपने निजी संसाधनों से घायलों को टेंपो से बाहर निकाला। भीड़ के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था, जिसे बाद में बर्मामाइंस पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुचारू किया। इस दौरान पुलिस ने घायलों का प्राथमिक विवरण दर्ज किया और परिजनों को हादसे की सूचना दी।
अस्पताल में घायलों की स्थिति
अस्पताल के चिकित्सकों ने घायलों का परीक्षण करने के बाद बताया कि राहत की बात यह है कि सभी की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। हालांकि, उन्हें कुछ समय तक निगरानी में रखने की सलाह दी गई है। प्रेम नगर के निवासी लक्की और अन्य घायलों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन मानसिक आघात और डर का साया अभी भी बना हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि स्कूली बच्चों को दी गई प्राथमिक चिकित्सा समय पर मिल गई, जिससे गंभीर परिस्थितियों को टाला जा सका।
परिवहन नियमों का उल्लंघन
पूर्वी सिंहभूम में यह कोई पहला मामला नहीं है जब सार्वजनिक वाहनों में ऐसी लापरवाही देखी गई है। शहर में चलने वाले अधिकांश पैसेंजर टेंपो नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए पाए जाते हैं। बर्मामाइंस जैसे व्यस्त इलाकों में, जहां भारी वाहनों का भी आवागमन रहता है, वहां टेंपो चालकों का इस तरह की हरकत करना खतरनाक है।
क्या कदम उठाना जरूरी है?
- नियमित चेकिंग: ट्रैफिक पुलिस को सुबह के समय नशे की हालत में गाड़ी चलाने वालों की सघन जांच करनी चाहिए।
- गति पर नियंत्रण: स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के लिए सख्त गति सीमा तय होनी चाहिए।
- जागरूकता अभियान: वाहन चालकों के लिए नियमित अंतराल पर सुरक्षा कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए।
पुलिस प्रशासन अब चालक की तलाश कर रही है ताकि उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके। यह घटना एक कड़ा सबक है कि लापरवाही से न केवल चालक का लाइसेंस रद्द होना चाहिए, बल्कि आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए चालकों का मानसिक और शारीरिक रूप से फिट होना प्राथमिक शर्त है।








