Founder – Mohan Milan

पी एम मातृत्व सुरक्षा शिविर में 529 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच

फुल्लीडुमर/बांका/अंगभारत। बांका जिले के फुल्लीडुमर प्रखंड में आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत एक व्यापक स्वास्थ्य शिविर में कुल 529 गर्भवती महिलाओं की गहन चिकित्सा जांच की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं की समय रहते पहचान करना और जच्चा-बच्चा दोनों के स्वास्थ्य को सुरक्षित सुनिश्चित करना है। शिविर में न केवल महिलाओं की शारीरिक जांच हुई, बल्कि उन्हें नि:शुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे विशेषज्ञों ने गर्भावस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सलाह भी दी ताकि प्रसव के दौरान किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

शिविर का विस्तृत विवरण

इस स्वास्थ्य अभियान को व्यवस्थित तरीके से विभिन्न केंद्रों पर बांटा गया था ताकि दूर-दराज के गांवों की महिलाएं भी इसका लाभ उठा सकें। मुख्य रूप से तीन केंद्रों पर चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं दीं:

  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र: यहां डॉ. संजीव कुमार के नेतृत्व में डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. नवीन कुमार और डॉ. चंदन कुमार ने 316 गर्भवती महिलाओं की जांच की।
  • अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, भीतिया: डॉ. कंचन कुमारी ने यहां 115 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
  • हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, गोड़ा: डॉ. शिवजी सिंह ने यहां 97 महिलाओं की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया।

जांच की मुख्य प्रक्रिया

गर्भावस्था के दौरान कई सूक्ष्म बदलाव होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है। शिविर में उन सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया गया जो एक सुरक्षित मातृत्व के लिए अनिवार्य हैं। चिकित्सा दल ने इन बिंदुओं की विशेष रूप से निगरानी की:

जांच का प्रकार उद्देश्य
हीमोग्लोबिन एनीमिया (खून की कमी) की पहचान करना
ब्लड प्रेशर प्रसव पूर्व उच्च रक्तचाप की निगरानी
शुगर टेस्ट गर्भावधि मधुमेह का पता लगाना
वजन और भ्रूण की स्थिति गर्भस्थ शिशु के विकास की जांच

सुरक्षित मातृत्व क्यों है जरूरी?

गर्भावस्था में एनीमिया एक बहुत बड़ी चुनौती है, जिससे प्रसव के समय अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा रहता है। इस शिविर में दी गई आयरन और कैल्शियम की गोलियां महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए बहुत प्रभावी हैं। जब हम स्थानीय स्तर पर ही ऐसी जांच की सुविधा देते हैं, तो न केवल महिलाओं का पैसा बचता है, बल्कि अस्पताल तक उनकी पहुंच भी आसान होती है। सही समय पर खून और शुगर की जांच से भविष्य में होने वाली कई जटिलताओं को रोका जा सकता है।

टीम का योगदान

इस शिविर की सफलता के पीछे स्वास्थ्य कर्मियों की एक समर्पित टीम का हाथ है। इसमें विकास कुमार (स्वास्थ्य प्रबंधक), रोहित कुमार (बीसीएम), और सीएचओ मोहित कुमार सेन व रोहित कुमार ने बेहतर समन्वय का काम किया। इसके अलावा जीएनएम मोनी सिंह, एएनएम ममता कुमारी, रेखा सिंहा और बिंदु कुमारी जैसी नर्सिंग स्टाफ की सक्रिय भागीदारी ने कतार में खड़ी महिलाओं के परीक्षण को सुगम बनाया। इस तरह के सामूहिक प्रयास ही सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाते हैं।

महिलाओं के लिए सलाह

गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए। नियमित अंतराल पर सरकारी शिविरों में आकर जांच कराना प्रसव को सुरक्षित बनाने का एकमात्र रास्ता है। यदि शिविर के दौरान डॉक्टर कोई दवा या डाइट चार्ट बताएं, तो उसे सख्ती से अपनाएं।

भविष्य में, प्रशासन ने भी ऐसे शिविरों को और अधिक विस्तार देने की बात कही है, ताकि बांका जिले का कोई भी स्वास्थ्य केंद्र पीछे न छूटे। स्थानीय महिलाओं के लिए यह सुविधा एक बड़ा वरदान साबित हो रही है, क्योंकि अब उन्हें छोटी-छोटी जांच के लिए जिला मुख्यालय तक भटकने की आवश्यकता नहीं है।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts
Recent Posts
App Icon