लाखों की संपत्ति का नुकसान, दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसा
सुपौल,अंग भारत। सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 13 में सोमवार सुबह अचानक भीषण आग लगने से तीन घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही देर में तीनों घरों को अपनी चपेट में ले लिया। अगलगी की इस घटना में घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान जलकर नष्ट हो गया। पीड़ित परिवारों के मुताबिक, घटना में तीन लाख रुपये से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। हालांकि, नुकसान का वास्तविक आकलन प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सुबह करीब नौ बजे मची अफरा-तफरी
बताया गया कि सोमवार सुबह करीब नौ बजे वार्ड नंबर 13 में अचानक आग लग गई। आग स्वर्गीय टूटू साह और उनके दो बेटों के घर में लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। घर से धुआं और आग की ऊंची लपटें निकलती देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।स्थानीय लोगों ने अपने स्तर से आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के कारण आग लगातार फैलती चली गई। कुछ ही समय में आसपास बने तीन घर इसकी चपेट में आ गए।
दमकल की टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को जानकारी दी गई। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और कर्मियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।आग जिस तरह तेजी से फैल रही थी, उससे आसपास के दूसरे घरों के भी इसकी चपेट में आने का खतरा बना हुआ था। समय रहते दमकल की टीम के पहुंचने और आग पर नियंत्रण पाने से बड़ा हादसा टल गया। अगर आग पर जल्द काबू नहीं पाया जाता तो आसपास के कई और घरों में भी आग फैल सकती थी।
घर का सामान जलकर हुआ राख
अगलगी में पीड़ित परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर और रोजमर्रा की जरूरत का सामान पूरी तरह जल गया। आग की तेज लपटों के कारण परिवार के लोग अपना जरूरी सामान भी बाहर नहीं निकाल सके।पीड़ित परिवारों के अनुसार, आग में तीन लाख रुपये से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। हालांकि, इसमें घर के सामान के अलावा अन्य संपत्ति के नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद नुकसान की सही तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
आग लगने का कारण अब तक स्पष्ट नहीं
आग किस वजह से लगी, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। स्थानीय लोगों के बीच आग लगने के कारण को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और नुकसान का आकलन किए जाने की बात कही जा रही है।फिलहाल प्राथमिकता यह है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाए और उन्हें सुरक्षित रहने के लिए जरूरी व्यवस्था दी जाए।
खाने-पीने और रहने का संकट
अगलगी के बाद पीड़ित परिवारों के सामने सबसे बड़ी समस्या रहने और खाने-पीने की है। घर और उसमें रखा सामान जल जाने के बाद परिवारों के पास रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी नहीं बची हैं। अनाज के जल जाने से भोजन का संकट भी खड़ा हो गया है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अनाज, कपड़े, तिरपाल और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सके।
मुआवजे की मांग
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों ने सरकार और प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगलगी में परिवारों ने अपनी मेहनत से जुटाया सामान खो दिया है। ऐसे में सरकारी सहायता मिलने से उन्हें दोबारा घर-गृहस्थी शुरू करने में मदद मिल सकती है।फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन करने की तैयारी में है। आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है। वार्ड में हुई इस अगलगी के बाद लोगों में चिंता बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते दमकल की टीम नहीं पहुंचती तो आग और भी बड़े इलाके में फैल सकती थी। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की उम्मीद है।







