नई दिल्ली,अंग भारत। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच गए हैं। पुतिन का विमान शुक्रवार रात करीब तीन बजे नई दिल्ली पहुंचा। हवाई अड्डे पर विदेश राज्यमंत्री केवी सिंह ने उनका स्वागत किया। रेड कार्पेट और गार्ड ऑफ ऑनर के बाद पुतिन का काफिला एयरपोर्ट से रवाना हुआ। रूस के राष्ट्रपति दिल्ली के मौर्या शेरटन होटल में ठहरेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ शुक्रवार को उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी।
रक्षा समझौतों पर हो सकती है चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच होने वाली बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ रक्षा और दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है। बैठक में एसयू-57 फाइटर जेट और अपडेटेड ब्रह्मोस समेत कई रक्षा समझौतों पर चर्चा हो सकती है।यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस के बाहर आयोजित किसी वैश्विक कार्यक्रम में पुतिन की यह पहली व्यक्तिगत भागीदारी है। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से उनकी इस यात्रा पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
मोदी-शी और मोदी-पुतिन की बैठक पर नजर
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ रहे हैं। उनकी 12 सितंबर की दोपहर दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है।मोदी और शी जिनपिंग के बीच होने वाली बातचीत पर भी दुनियाभर की नजर है। अस्थिर वैश्विक हालात, पश्चिम एशिया की स्थिति और यूक्रेन युद्ध के बीच ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को लेकर इन बैठकों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच दोनों नेताओं की बैठक को लेकर भी काफी उम्मीदें हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से प्रभावित कई देश भारत और चीन के बीच तनाव कम होते देखना चाहते हैं।
रूस के कई वरिष्ठ नेता भी पहुंचे दिल्ली
ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव भी नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। सम्मेलन में रूस की ओर से कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल होंगे।इस वर्ष ब्रिक्स देशों का शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता वैश्विक और आर्थिक मुद्दों के साथ आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
11 देशों का समूह है ब्रिक्स
ब्रिक्स दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संगठन है। शुरुआत में इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को समूह में शामिल किया गया।इसके बाद वर्ष 2025 में इंडोनेशिया को भी ब्रिक्स में जोड़ा गया। इस तरह अब ब्रिक्स में कुल 11 देश शामिल हैं। इन सभी देशों के प्रतिनिधि इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचेंगे।
भारत में हो रहा है इस साल का शिखर सम्मेलन
ब्रिक्स सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया कई तरह की चुनौतियों से गुजर रही है। पश्चिम एशिया में तनाव और यूक्रेन युद्ध के साथ वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी अहम बने हुए हैं।ऐसे माहौल में भारत में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को सदस्य देशों के बीच सहयोग और आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की पुतिन और शी जिनपिंग समेत विभिन्न देशों के नेताओं के साथ होने वाली बातचीत से सम्मेलन के दौरान कई अहम मुद्दों पर आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है।







