मुरहो, मधेपुरा,अंग भारत। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बीपी मंडल की ऐतिहासिक जन्मभूमि मुरहो में इस वर्ष गणेशोत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। विश्व विजेता गणेश उत्सव महिला समिति के तत्वावधान में 14 सितंबर को भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। विधि-विधान और सनातन परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ गणेशोत्सव की शुरुआत होगी।
महिलाओं की अगुवाई में होगा आयोजन
गणेशोत्सव की तैयारियों को लेकर गुरुवार को समिति की विशेष बैठक हुई। बैठक में आयोजन को भव्य और व्यवस्थित तरीके से कराने का सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया। समिति की संरक्षक रिंकी कुमारी के दिशा-निर्देश में आयोजन से जुड़ी अलग-अलग जिम्मेदारियां भी तय की गईं।बैठक में समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पूजा के दौरान होने वाले कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की। सभी ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने का निर्णय लिया।
प्रतिमा कुमारी बनीं अध्यक्ष
समिति की ओर से मुरहो पंचायत की पूर्व उपमुखिया प्रतिमा कुमारी को अध्यक्ष बनाया गया है। निशा कुमारी को सचिव और बबीता देवी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।इसके अलावा रूपम कुमारी, बेबी देवी, नेहा कुमारी, साक्षी कुमारी, लाडली कुमारी, उषा देवी, रेखा देवी, विभा देवी और लक्ष्मी देवी समेत अन्य सदस्य आयोजन की तैयारियों में जुटी हैं। समिति की सदस्य पूजा स्थल से लेकर दूसरी व्यवस्थाओं को पूरा करने में लगी हैं।
पहली बार महिलाओं की अगुवाई में आयोजन
समिति की पदाधिकारियों ने बताया कि मुरहो में पहली बार महिलाओं की अगुवाई में इस तरह का धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किया जा रहा है। इसे लेकर समिति की सदस्यों में विशेष उत्साह है। महिलाओं का कहना है कि गणेशोत्सव के जरिए धार्मिक आयोजन के साथ समाज के लोगों को भी एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
पूजा के साथ सामाजिक सहभागिता पर जोर
गणेशोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह का माहौल है। समिति का उद्देश्य केवल पूजा-अर्चना तक आयोजन को सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसके जरिए सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक माहौल को मजबूत करना भी है।समिति के सदस्यों ने कहा कि भगवान गणेश की पूजा से पूरे क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाएगी। साथ ही आयोजन में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। 14 सितंबर से शुरू होने वाले गणेशोत्सव को लेकर मुरहो में तैयारियां तेज हो गई हैं।








