पटना,अंग भारत। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में आयोजित आनुग्रहिक राहत वितरण कार्यक्रम के दौरान बाढ़ प्रभावित 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के बैंक खातों में 7 हजार रुपये प्रति परिवार की दर से कुल 579.23 करोड़ रुपये की राहत राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की चुनौतीपूर्ण स्थिति में राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराना है। सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है।
15 जिलों के करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 15 जिले, 88 प्रखंड, 575 ग्राम पंचायत, 2,642 गांव और 21 शहरों के 136 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इससे करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। लगभग 55 हजार हेक्टेयर भूमि पर बाढ़ का प्रभाव पड़ा है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में हर स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, दवा और अन्य जरूरी सुविधाओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
1,200 से अधिक सामुदायिक रसोई संचालित
सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 1,200 से अधिक सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोइयों के माध्यम से अब तक करीब 1.28 करोड़ थालियां परोसी जा चुकी हैं।उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 21 टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक बाढ़ की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक राहत और सहायता सुविधाएं जारी रहेंगी। प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
एक सप्ताह में छूटे परिवारों को सूची में शामिल करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार को बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को 7 हजार रुपये की दर से राहत राशि दी गई है। इसके तहत 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के खातों में 579.23 करोड़ रुपये अंतरित किए गए हैं।उन्होंने अधिकारियों को लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई पात्र प्रभावित परिवार राहत से वंचित रह गया है, तो उसे एक सप्ताह के भीतर राहत सूची में शामिल किया जाए। कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।
एक माह में पूरा हो पुनर्प्राप्ति और पुनर्निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्यों के साथ-साथ पुनर्प्राप्ति और पुनर्निर्माण का काम भी तेज गति से किया जाए। राज्य में ‘पहले से बेहतर पुनर्निर्माण’ की थीम पर काम करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि एक माह के भीतर सभी पुनर्प्राप्ति कार्य पूरे किए जाएं।इन कार्यों में कृषि इनपुट सब्सिडी यानी कृषि निवेश अनुदान, सड़कों की मरम्मत तथा प्रभावित परिवारों और किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना शामिल है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए और प्रभावित परिवारों, किसानों तथा अन्य संबंधित लोगों को नियमानुसार जल्द सहायता दी जाए।
केंद्रीय कृषि मंत्री के दौरे को लेकर रिपोर्ट तैयार रखने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुधवार को प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर बाढ़ से हुई क्षति का समुचित और तथ्यपरक आकलन कर रिपोर्ट तैयार रखी जाए। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान की वास्तविक स्थिति का दस्तावेजीकरण करते हुए आवश्यक सहायता और पुनर्प्राप्ति कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया।कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा समेत अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।







