रजौन/बांका/अंग भारत। जिला प्रशासन की जनकल्याणकारी पहल ‘सहयोग शिविर : प्रशासन आपके द्वार’ के अंतिम चरण के तहत मंगलवार को रजौन प्रखंड की चार पंचायतों—मझगांय-डरपा, संझा-श्यामपुर, धायहरना-महगामा और मोरामा-बनगांव में जनसुनवाई और समस्या निवारण शिविर लगाए गए। मझगांय-डरपा पंचायत के कोल्हड्डा स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित शिविर में बांका डीएम अंशुल अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।मुखिया सह प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार की अगुवाई में आयोजित कार्यक्रम में डीएम का बुके और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया। डीएम, बीडीओ अंतिमा कुमारी, सीओ विश्वजीत कुमार सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इससे पहले राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान हुआ। मंच का संचालन एनपीएस चकझोरा के शिक्षक सह प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव राजीव कुमार ने किया।
10 दिन की शिथिलता पर नोटिस, 30 दिन में कार्रवाई
डीएम अंशुल अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार के निर्देश पर आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘सहयोग शिविर’ और ‘सहयोग पोर्टल’ शुरू किया गया है। भूमि विवाद, बिजली, राशन कार्ड और नल-जल जैसी समस्याओं को पोर्टल पर दर्ज कर उनके समाधान की प्रक्रिया तेज की जा रही है।उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि आवेदनों के निष्पादन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। 10 दिनों तक आवेदन पर शिथिलता रहने पर पोर्टल से स्वतः नोटिस जारी हो जाता है, जबकि 30 दिनों तक आवेदन लंबित रहने पर संबंधित कर्मी स्वतः निलंबित हो जाएंगे।
तीन स्कूल और आठ आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा जीर्णोद्धार
डीएम ने बताया कि ‘सेवा संकल्प कायाकल्प अभियान’ के तहत पंचायत के तीन जर्जर विद्यालयों और आठ आंगनबाड़ी केंद्रों को चिन्हित किया गया है। इनका जीर्णोद्धार कराया जाएगा। उन्होंने पूरी तरह जर्जर भागलपुर-हंसडीहा मुख्य सड़क की मरम्मत का काम अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी। इसके लिए राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्रमंडल, भागलपुर के साथ समन्वय स्थापित कर लिया गया है।उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवन का निर्माण भी जल्द शुरू कराया जाएगा और इसे आठ से दस महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे काम के लिए प्रखंड मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
1388 स्वयं सहायता समूहों को 19.30 करोड़ की सहायता
कार्यक्रम के दौरान डीएम ने विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और जॉब कार्ड प्रदान किए। दो लाभुकों को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास की चाभी भी सौंपी गई।इसके बाद वित्तीय समावेशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1388 स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न बैंकों और जीविका परियोजना के माध्यम से मिलने वाली 19 करोड़ 30 लाख रुपये की वित्तीय सहायता का चेक जीविका दीदियों को सौंपा गया।
बच्चे का कराया अन्नप्राशन, गर्भवती महिला की गोदभराई
मंचीय कार्यक्रम के बाद बिहार गीत की सामूहिक प्रस्तुति हुई। इसके बाद डीएम ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। बाल विकास परियोजना के स्टॉल पर उन्होंने अपने हाथों से एक नवजात बच्चे का अन्नप्राशन कराया। वहीं एक गर्भवती महिला की गोदभराई की रस्म निभाते हुए उसे उपहार भी भेंट किया।शिविर के दौरान रजौन थाना के एसआई शुभम कुमार सहित पुलिस बल विधि-व्यवस्था को लेकर मुस्तैद रहा। मौके पर कृषि पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह, सांख्यिकी पदाधिकारी तारकेश्वर रजक, सीडीपीओ चंचला कुमारी, एमओ राजबाला सिंह, मनरेगा पीओ धर्मेंद्र कुमार, बीडब्ल्यूओ गौतम कुमार साह, एलईओ कृष्ण भूषण, बीपीआरओ अनुपम अनुराग, रजौन सीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ब्रजेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद थे।
कस्तूरबा विद्यालय का औचक निरीक्षण
शिविर समाप्त होने के बाद बांका लौटते समय डीएम ने रजौन प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास, पठन-पाठन, रसोई और साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया। वार्डन अंजना कुमारी सहित शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों को विद्यालय का संचालन गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।







