काठमांडू,अंग भारत। दीपावली में अब महज एक सप्ताह का समय बचा है। नेपाल के शहरों से लेकर गांवों तक तिहार का माहौल बनने लगा है। रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की खुशबू के बीच भाई मसाला की खरीदारी भी जोरों पर है। भाई टीका पर बहनें भाइयों को सूखे मेवों से भरे पैकेट भेंट करती हैं, लेकिन इस परंपरा के लिए नेपाल की निर्भरता विदेशी बाजारों पर काफी अधिक है।सीमा शुल्क विभाग के आंकड़ों के अनुसार दीपावली, भैयादूज और छठ को देखते हुए नेपाल ने 300 करोड़ रुपये से अधिक के सूखे मेवे आयात किए हैं। केवल अखरोट, काजू और बादाम का आयात ही पहली तिमाही में 150 करोड़ से अधिक रहा। सुपारी, नारियल, अंजीर, किशमिश और भुने मेवों को जोड़ने पर यह आंकड़ा 300 करोड़ के पार चला जाता है। पिछले दो महीनों की तुलना में पिछले एक महीने में आयात में तेज उछाल आया है, जो त्योहारी मांग को दर्शाता है।
अखरोट के लिए चीन और चिली पर निर्भरता -: छिलके वाले अखरोट का बड़ा हिस्सा आयात में है। पिछले एक महीने में नेपाल ने 14 लाख 50 हजार किलोग्राम अखरोट आयात किया, जिस पर 57 करोड़ 33 लाख रुपये खर्च हुए। इससे सरकार को 13.93 करोड़ राजस्व मिला। सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता चीन रहा, जिसने 12 लाख 82 हजार किलोग्राम अखरोट भेजा। दूसरे नंबर पर चिली रहा जिसने 1 लाख 51 हजार किलोग्राम आपूर्ति की। भारत से 901 किलोग्राम, यूएई से 47 किलोग्राम, कतर से 26 किलोग्राम, सऊदी अरब से 5 किलोग्राम और मलेशिया से 2 किलोग्राम अखरोट आया। बिना छिलके वाले अखरोट का आयात भी बढ़ा है। एक महीने में 74 हजार किलोग्राम आयात हुआ, जिसका मूल्य 8.06 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 18 हजार किलोग्राम था।
अमेरिका से आ रहा बादाम -: बादाम त्योहारी बाजार में महंगा मेवा है। पिछले एक महीने में 50 लाख 60 हजार किलोग्राम बादाम आयात हुआ, जिसका मूल्य 47 करोड़ 68 लाख रुपये था। पिछले साल समान अवधि में यह 4 लाख 2 हजार किलोग्राम था। अमेरिका सबसे बड़ा सप्लायर है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आयात हुए 4 लाख किलोग्राम में से 3 लाख 98 हजार किलोग्राम अमेरिका से आया था। भारत 2,625 किलोग्राम के साथ दूसरे स्थान पर था। इसके अलावा सऊदी अरब, कुवैत, कतर, यूएई, बहरीन, चीन और ओमान से भी बादाम आया।
काजू में वियतनाम और भारत आगे -: पिछले महीने नेपाल ने 4 लाख 69 हजार किलोग्राम काजू आयात किया, जिसका मूल्य 46 करोड़ 56 लाख रुपये था। वियतनाम 2 लाख 8 हजार किलोग्राम के साथ सबसे बड़ा सप्लायर रहा, जबकि भारत 1 लाख 56 हजार किलोग्राम के साथ दूसरे पर रहा। आइवरी कोस्ट ने 30 हजार किलोग्राम, चीन ने 9,089 किलोग्राम और वेनेजुएला ने 5,148 किलोग्राम काजू भेजा। खाड़ी देशों से भी आपूर्ति हुई।
भुने और नमकीन मेवों की मांग तेज -: कच्चे मेवों की तुलना में भुने और नमकीन मेवों की मांग तेजी से बढ़ रही है। वियतनाम ने 19 हजार किलोग्राम भुने काजू भेजे, जिसका मूल्य 2.61 करोड़ रुपये था। भारत, चीन, यूएई और थाईलैंड से भी भुने काजू आए। पिस्ता में चीन का दबदबा है। चीन से 87 हजार 658 किलोग्राम पिस्ता आया, जिसका मूल्य 11.56 करोड़ रुपये था। इंडोनेशिया, अमेरिका, भारत और थाईलैंड से भी पिस्ता आयात हुआ।
सुपारी और नारियल से बढ़ा बिल -: अन्य मेवों में सुपारी और नारियल का आयात बड़ा है। एक महीने में 32 लाख 40 हजार किलोग्राम सुपारी आयात हुई, जिसका मूल्य 84.77 करोड़ रुपये रहा। 8 लाख 36 हजार किलोग्राम सूखा नारियल आयात हुआ, जिसकी कीमत 21.59 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा खजूर और 45 हजार किलोग्राम अंजीर भी आयात किया गया। कृषि प्रधान होने के बावजूद नेपाल अनुकूल जलवायु के बाद भी अखरोट-बादाम का घरेलू उत्पादन नहीं बढ़ा पाया है, इसलिए हर त्योहार पर उसे भारी मात्रा में आयात पर निर्भर रहना पड़ता है।







