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गंगा की गाद से बचेगा भागलपुर का वजूद, तीन फोरलेन प्रोजेक्ट को मिलेगी मुफ्त मिट्टी

भागलपुर,अंग भारत। बाढ़ और कटाव से हर साल तबाह होने वाले भागलपुर के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार और बिहार सरकार के बीच हुआ नया समझौता जिले की तस्वीर बदल सकता है। ‘नदी संजीवनी’ कार्यक्रम के तहत अब गंगा नदी से वैज्ञानिक तरीके से गाद निकाली जाएगी और उसी गाद का इस्तेमाल जिले में बन रहे बड़े फोरलेन प्रोजेक्ट में किया जाएगा। एक तीर से दो निशान – नदी गहरी होगी तो कटाव रुकेगा और सड़कें भी तेजी से बनेंगी।

क्यों है भागलपुर में ज्यादा कटाव -: जल संसाधन विशेषज्ञों के मुताबिक गंगा बक्सर और पटना तक तो ठीक-ठाक बहती है, लेकिन भागलपुर और कटिहार आते-आते उसमें इतनी गाद जमा हो जाती है कि नदी की चौड़ाई 38 से 40 किलोमीटर तक फैल जाती है। नदी उथली हो जाती है, पानी का बहाव रुकता है और फिर नदी किनारों को काटने लगती है।पिछले ही दिनों खरीक प्रखंड के राघोपुर मार्जिनल बांध और सुल्तानगंज के भवनाथपुर में गंगा के कटाव ने ऐसा कहर बरपाया था कि सैकड़ों घर नदी में समा गए थे और हजारों लोगों को पलायन करना पड़ा था। अब अगर ड्रेजिंग से गाद निकली तो पानी मुख्य धारा में बहेगा और तटबंधों पर दबाव कम होगा। इससे खरीक, नवगछिया, गोपालपुर, नाथनगर और सुल्तानगंज के दियारा इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी।

किन प्रोजेक्ट में लगेगी गंगा की मिट्टी -: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तय किया है कि गंगा से निकली गाद को मुफ्त में सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे किसानों की उपजाऊ जमीन से मिट्टी काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।1. भागलपुर बाईपास – रसलपुर फोरलेन: इस प्रोजेक्ट में भराव के लिए सबसे ज्यादा मिट्टी की जरूरत है, जो अब गंगा की गाद से पूरी होगी।2. मुंगेर – मिर्जाचौकी फोरलेन: इसे भागलपुर की लाइफलाइन कहा जाता है। गाद मिलने से इसके काम में तेजी आएगी।3. भागलपुर – खड़हरा (ढाका मोड़) फोरलेन: बांका और संताल परगना को जोड़ने वाला ये प्रोजेक्ट भी इसी गाद से बनेगा। इसके अलावा मणिकपुर – साहेबगंज फोरलेन में भी इसी गाद का उपयोग होगा।खरीक के एक ग्रामीण ने कहा – “हर साल हमारा खेत-घर गंगा में विलीन हो जाता है। अगर सरकार सच में गाद निकालकर नदी को गहरी करती है तो ये हमारे लिए सबसे बड़ी मदद होगी।”कुल मिलाकर ये योजना भागलपुर के लिए डबल फायदे वाली साबित हो सकती है – नदी भी बचेगी और सड़कें भी।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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