रांची,अंग भारत। झारखंड की राजधानी रांची में स्थित पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शहर में हड़कंप मच गया है। यह धमकी भरा ईमेल रातू रोड स्थित ग्लैक्सिया मॉल के पासपोर्ट कार्यालय को भेजा गया, जिसमें कार्यालय को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) प्रकाश सोय के नेतृत्व में पुलिस बल और बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे मॉल परिसर की सघन तलाशी ली। हालांकि, कई घंटों की गहन जांच के बाद सुरक्षा बलों को कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला है, जिससे फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
खतरे की सूचना और कार्रवाई
जैसे ही पासपोर्ट कार्यालय प्रशासन को धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, इसकी जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू की।
- कोतवाली पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) प्रकाश सोय ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर कमान संभाली।
- बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) ने पासपोर्ट कार्यालय के प्रत्येक कोने की जांच की।
- ग्लैक्सिया मॉल परिसर के बाहरी और आंतरिक हिस्सों की गहन तलाशी ली गई।
- सुरक्षा को देखते हुए मॉल में मौजूद लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
तकनीकी जांच और साइबर टीम
पुलिस ने इस घटना को एक बड़ी चुनौती के रूप में लिया है। चूंकि धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई थी, इसलिए साइबर सेल इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। डीएसपी प्रकाश सोय ने स्पष्ट किया कि धमकी भेजने वाले के डिजिटल फुटप्रिंट्स का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
अधिकारी अब आईपी एड्रेस, ईमेल भेजने का जरिया और सर्वर लोकेशन को ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत हो सकती है, जो दहशत फैलाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। फिर भी, पुलिस इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरत रही है और मामले की जड़ तक जाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
पहले भी मिल चुकी धमकी
यह पहला मौका नहीं है जब रांची में इस तरह की धमकी दी गई है। शहर के महत्वपूर्ण प्रशासनिक और न्यायिक परिसरों को निशाना बनाने की कोशिशें पहले भी की जा चुकी हैं।
| स्थान | धमकी का माध्यम | परिणाम |
|---|---|---|
| रांची सिविल न्यायालय | ईमेल | कोई विस्फोटक नहीं मिला |
| रांची समाहरणालय | ईमेल | कोई विस्फोटक नहीं मिला |
| ग्लैक्सिया मॉल (पासपोर्ट कार्यालय) | ईमेल | जांच जारी |
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
बार-बार मिल रही इन धमकियों ने प्रशासन को सुरक्षा तंत्र की समीक्षा करने पर मजबूर कर दिया है। पिछले मामलों में भी अज्ञात व्यक्ति ने आरडीएक्स के इस्तेमाल की बात कही थी, जो पूरी तरह से अफवाह साबित हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फर्जी कॉल या ईमेल का मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच भय का माहौल बनाना और पुलिस प्रशासन को व्यर्थ की भागदौड़ में उलझाना होता है।
आम नागरिकों के लिए सलाह
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों से न डरें। अगर किसी को कोई संदिग्ध वस्तु दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक पुलिस सूचनाओं पर ही भरोसा करें। पुलिस विभाग अब महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थानों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और सुरक्षा ऑडिट करने की योजना पर भी काम कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सके।








