नई दिल्ली,अंग भारत। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में मची हलचल का सीधा असर भारत के आम आदमी की रसोई पर पड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाली एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आने के चलते एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। शनिवार से लागू नई दरों के मुताबिक, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक (कमर्शियल) सिलेंडर के दाम में 114.5 रुपये की सीधी बढ़ोतरी की गई है। यह वृद्धि पिछले 11 महीनों में दूसरी बार हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर बड़ा असर पड़ना तय है।
दिल्ली और प्रमुख शहरों में दाम
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को 913 रुपये चुकाने होंगे, जो पहले 853 रुपये थे। यह बढ़ोतरी 8 अप्रैल 2025 को की गई 50 रुपये की वृद्धि के बाद का दूसरा बड़ा झटका है। देश के अन्य प्रमुख महानगरों में भी गैस सिलेंडर की नई दरें इसी प्रकार संशोधित की गई हैं:
- मुंबई: घरेलू सिलेंडर अब 912.50 रुपये का हो गया है।
- कोलकाता: यहां उपभोक्ताओं को 939 रुपये खर्च करने होंगे।
- चेन्नई: सिलेंडर की नई कीमत 928.50 रुपये निर्धारित की गई है।
- नोएडा: यहां कीमतें दिल्ली के समान यानी 913 रुपये तय की गई हैं।
वाणिज्यिक सिलेंडर पर भारी मार
होटल, रेस्तरां और छोटे कैफे चलाने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए यह बढ़ोतरी बेहद चिंताजनक है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 114.5 रुपये का इजाफा होने से दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर 1,883 रुपये पहुंच गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस वर्ष की शुरुआत से अब तक वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कुल 302.50 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसका सीधा असर बाहर खाने-पीने के शौकीन लोगों की जेब पर पड़ सकता है, क्योंकि होटल संचालक अपनी लागत को मेंटेन करने के लिए मेन्यू कार्ड के दाम बढ़ा सकते हैं।
विभिन्न शहरों में कमर्शियल दरें
| शहर | नई कीमत (19 किग्रा) |
|---|---|
| मुंबई | 1,835 रुपये |
| कोलकाता | 1,990 रुपये |
| चेन्नई | 2,043.50 रुपये |
तनाव और आपूर्ति का संकट
आखिर रसोई गैस इतनी महंगी क्यों हो रही है? इसका सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल और गैस व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, वहां सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा होने से गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी तेजी आई है। आईओसी के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण यह कदम उठाना मजबूरी बन गया है।
उज्ज्वला लाभार्थियों को राहत
आम उपभोक्ताओं के लिए यह खबर जरूर झटका देने वाली है, लेकिन सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले गरीब परिवारों के लिए सुरक्षा कवच बरकरार रखा है। इस योजना के तहत लाभ लेने वाले 10 करोड़ से अधिक परिवारों को प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती रहेगी। यह राहत साल में अधिकतम 12 सिलेंडरों के लिए जारी रहेगी, जो निम्न आय वर्ग के परिवारों को महंगाई की सीधी मार से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
करों का प्रभाव
एलपीजी की कीमतों में राज्यों के अनुसार अंतर होने का मुख्य कारण स्थानीय बिक्री कर और मूल्य वर्धित कर (वैट) की अलग-अलग दरें हैं। यही कारण है कि नोएडा या दिल्ली में जो सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है, उसी की कीमत चेन्नई या कोलकाता में अलग है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने नजदीकी गैस वितरण केंद्र या आईओसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने शहर की सटीक और अपडेटेड दरें जांच लें ताकि किसी भी तरह के भ्रम से बचा जा सके।








