Founder – Mohan Milan

542 करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय को जोड़नेवाली सुरंग का किया कार्यारंभ

पटना,अंग भारत। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए 542 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय को जोड़ने वाली भूमिगत सुरंग (म्यूजियम सब-वे) के निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने नेहरू पथ के पास हड़ताली मोड़ पर आयोजित कार्यक्रम में टनल बोरिंग मशीन का बटन दबाकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की। इस सुरंग के बन जाने के बाद पटना आने वाले देश-विदेश के पर्यटक एक ही जगह से दोनों संग्रहालयों में रखे ऐतिहासिक अवशेषों और कलाकृतियों का दीदार कर सकेंगे। यह टनल भारत में अपनी तरह की पहली भूमिगत कला दीर्घा (आर्ट गैलरी) के रूप में विकसित हो रही है, जिससे बिहार में पर्यटन को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

सुरंग की तकनीकी खासियतें

इस पूरी परियोजना की जिम्मेदारी दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को सौंपी गई है। यह भूमिगत सुरंग लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी होगी और जमीन से करीब 16.5 मीटर नीचे बनाई जा रही है। टनल के अंदर हवा और रोशनी की बेहतरीन व्यवस्था के लिए खास वेंटिलेशन सिस्टम लगाया जा रहा है। सुरंग के निर्माण से जुड़े मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • कुल बजट: परियोजना की स्वीकृत राशि 542 करोड़ रुपये है।
  • कनेक्टिविटी: यह सुरंग बेली रोड के नीचे से गुजरते हुए पटना संग्रहालय को बिहार संग्रहालय से सीधे जोड़ेगी।
  • यातायात के साधन: टनल के अंदर पैदल चलने के रास्ते के साथ-साथ बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बैटरी से चलने वाली गोल्फ कार्ट (बैटरी कार) की सुविधा भी होगी।
  • सुरक्षा इंतजाम: आग बुझाने के आधुनिक उपकरण, आपातकालीन निकास और 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।

पर्यटकों के लिए सुविधाएं

अभी तक पर्यटकों को पटना संग्रहालय और बिहार संग्रहालय देखने के लिए अलग-अलग टिकट लेने पड़ते थे और बेली रोड के भारी ट्रैफिक से होकर गुजरना पड़ता था। इस टनल के बनने से यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। पर्यटक एक साझा टिकट लेकर सुरंग के रास्ते दोनों परिसरों का भ्रमण कर सकेंगे। सबसे खास बात यह है कि इस 1.5 किलोमीटर लंबी सुरंग की दीवारों पर बिहार की ऐतिहासिक विरासत, कला, मधुबनी पेंटिंग्स और मिट्टी की कलाकृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। यानी सुरंग के अंदर का सफर भी किसी बड़े विजुअल ट्रीट से कम नहीं होगा।

“निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ और तय समय के भीतर पूरा करें। सुरंग बनने से पर्यटकों की तादाद बहुत बढ़ने वाली है, इसलिए गाड़ियों की पार्किंग और अन्य जरूरी जन-सुविधाओं का पहले से ही पुख्ता इंतजाम रखें।” – नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश

कार्यारंभ के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मौके पर मौजूद इंजीनियरों और आलाधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नेहरू पथ के किनारे पुराने सरकारी जर्जर ढांचों को तोड़कर एक बहुमंजिला इमारत बनाई जाए, जिसमें ठहरने की आधुनिक व्यवस्था (आवासन) हो। इसके साथ ही उन्होंने बगल में एक खूबसूरत पार्क विकसित करने को कहा ताकि जो लोग संग्रहालय देखने आएं, वे पार्क की हरियाली और शांति का भी आनंद ले सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि पार्किंग स्थल ऐसा होना चाहिए जहां बसों और कारों को खड़ा करने में कोई जाम की स्थिति न बने।

बिहार संग्रहालय का दौरा

सुरंग का काम शुरू कराने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीधे बिहार संग्रहालय के परिसर पहुंचे। वहां बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें परिसर में हाल ही में जोड़ी गई नई प्रदर्शनियों की जानकारी दी। महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि संग्रहालय में आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनकी सुविधा के लिए पार्किंग एरिया को और बेहतर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पूरी गैलरी का घूमकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुरानी कलाकृतियों के संरक्षण में कोई लापरवाही न बरती जाए।

पटना संग्रहालय छोर का जायजा

कार्यक्रम के अगले चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस अंडरग्राउंड सुरंग के दूसरे छोर यानी पटना संग्रहालय वाले हिस्से पर पहुंचे। वहां उन्होंने जमीन के ऊपर हो रहे शुरुआती काम का भौतिक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नक्शे के जरिए मुख्यमंत्री को समझाया कि सुरंग पटना संग्रहालय परिसर में किस जगह पर बाहर निकलेगी और वहां पर्यटकों के प्रवेश और निकास की क्या व्यवस्था होगी। इस परियोजना से पटना का ऐतिहासिक महत्व और अधिक बढ़ जाएगा क्योंकि पटना संग्रहालय जहां प्राचीन धरोहरों का केंद्र है, वहीं बिहार संग्रहालय आधुनिक इतिहास और तकनीक का संगम है।

परियोजना का त्वरित विवरण

इस पूरी परियोजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को नीचे दी गई तालिका में संक्षेप में समझा जा सकता है:

विवरण मुख्य तथ्य व आंकड़े
परियोजना का नाम बिहार संग्रहालय – पटना संग्रहालय इंटरकनेक्टिविटी सब-वे
कुल स्वीकृत लागत 542 करोड़ रुपये
कुल अनुमानित लंबाई लगभग 1.5 किलोमीटर (भूमिगत)
निर्माण एजेंसी दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC)
शिलान्यासकर्ता नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री, बिहार)
प्रमुख अधिकारी (ब्रिफिंग) अंजनी कुमार सिंह (महानिदेशक, बिहार संग्रहालय)

इस सुरंग के तैयार हो जाने के बाद पटना देश के उन गिने-चुने शहरों में शामिल हो जाएगा जहां दो बड़े राजकीय संग्रहालयों को आपस में जोड़ने के लिए भूमिगत आर्ट गैलरी जैसी हाईटेक सुविधा मौजूद है। यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि दुनिया भर से आने वाले इतिहास प्रेमियों के लिए एक बेहद आकर्षक और सुगम अनुभव साबित होने वाला है।

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अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

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