पूर्णिया,अंग भारत| पूर्णिया जिले के कसबा प्रखंड अंतर्गत रानीपतरा बाजार में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ रहा है। बाजार में 1050 रुपये की निर्धारित कीमत वाला घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 1200 रुपये तक की ऊंची कीमत पर बेचा जा रहा है। गैस की कमी का लाभ उठाकर कुछ अवैध दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। कई स्थानों पर तो गैस बेचने का वैध लाइसेंस तक नहीं है, फिर भी असुरक्षित तरीके से सिलेंडरों का भंडारण और बिक्री धड़ल्ले से जारी है।
गैस कालाबाजारी का संकट
रानीपतरा बाजार में रहने वाले स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें खाना पकाने के लिए गैस की सख्त जरूरत होती है, लेकिन सिलेंडर समय पर नहीं मिलते। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर दुकानदार मनमानी करते हैं। यह स्थिति केवल आर्थिक शोषण का मामला नहीं है, बल्कि यह कानून और सुरक्षा नियमों का भी खुला उल्लंघन है। घर-घर जाकर सिलेंडर बेचने वाले कुछ लोग बिना किसी सुरक्षा मानकों का पालन किए इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जा रहे हैं, जो किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। उपभोक्ताओं ने इस बाबत कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से विक्रेताओं के हौसले बुलंद हैं।
मुकेश सिंह पर आरोप
उपभोक्ताओं ने विशेष रूप से रानीपतरा बाजार स्थित सुपर इलेक्ट्रिक वसुधा केंद्र के संचालक मुकेश सिंह पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों के दावों के अनुसार, मुकेश सिंह द्वारा ग्राहकों से सरकारी दर से काफी अधिक पैसे लिए जा रहे हैं। जब ग्रामीण निर्धारित मूल्य पर गैस की मांग करते हैं, तो उन्हें सिलेंडर देने से मना कर दिया जाता है। नीचे दी गई तालिका इन अनियमितताओं के स्वरूप को स्पष्ट करती है:
| विवरण | सरकारी दर | बाजार में वसूली गई दर |
|---|---|---|
| घरेलू गैस सिलेंडर | 1050 रुपये | 1200 रुपये |
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन यदि समय रहते नहीं जागा, तो आने वाले दिनों में गैस की कीमतों में और अधिक उछाल आ सकता है, जिसका खामियाजा केवल गरीब वर्ग को उठाना पड़ेगा।
उपभोक्ताओं और क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन तथा आपूर्ति विभाग से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की अपील की है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- सुपर इलेक्ट्रिक वसुधा केंद्र और अन्य संलिप्त दुकानों की तत्काल जांच हो।
- जिन दुकानदारों के पास लाइसेंस नहीं है, उनकी बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए।
- गैस की जमाखोरी करने वाले तत्वों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
- आम लोगों को तय कीमतों पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी यह मामला अत्यंत गंभीर है। गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण किसी भी समय आवासीय इलाकों में अग्निकांड जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। प्रशासन को चाहिए कि वह नियमित रूप से इन बाजारों की निगरानी करे और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करे ताकि लोगों को आर्थिक बोझ और सुरक्षा के खतरों से बचाया जा सके। अभी तक इस मुद्दे पर किसी भी आधिकारिक विभाग ने छापेमारी की पुष्टि नहीं की है, जिससे लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।








