Founder – Mohan Milan

गैस सिलेंडर महंगे होने से बढ़ी परेशानी

सुपौल,अंग भारत। शनिवार से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये तथा कामर्शियल गैस सिलेंडर में 125 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। यह मूल्य वृद्धि सीधे तौर पर आम लोगों के मासिक बजट पर भारी चोट है। बढ़ती महंगाई के इस दौर में ईंधन के दाम बढ़ना रसोई के प्रबंधन को कठिन बना देता है। इसके साथ ही, गैस वितरण कंपनियों ने बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया है। अब 14 दिनों के बजाय उपभोक्ताओं को दोबारा बुकिंग के लिए 25 दिनों की प्रतीक्षा करनी होगी, जो ग्रामीण परिवारों के लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आया है।

गैस बुकिंग के नए नियम

गैस सिलेंडर के दामों में हुई इस अचानक बढ़ोतरी ने न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। पहले की तुलना में बुकिंग का समय बढ़ जाने से अब लोगों को सिलेंडर खत्म होने से बहुत पहले ही योजना बनानी पड़ रही है। इसका सबसे बुरा असर उन बड़े परिवारों पर पड़ा है जिनकी ईंधन की खपत अधिक है।

गैस की कीमतों में इजाफा और बुकिंग नियमों की सख्ती से आम आदमी की जेब पर सीधा दबाव बढ़ा है, जिसका असर त्योहारों की खुशियों पर पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं की समस्याओं को समझने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है:

  • घरेलू गैस में 60 रुपये और कामर्शियल सिलेंडर में 125 रुपये की वृद्धि।
  • बुकिंग अंतराल को 14 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन करना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन की किल्लत की बढ़ती आशंका।
  • ईंधन की उच्च लागत के कारण मासिक राशन का बजट कम होना।

बाजार और आर्थिक स्थिति

ईद का पर्व नजदीक है और बाजारों में खरीदारी का समय शुरू हो चुका है, लेकिन आर्थिक दबाव साफ नजर आ रहा है। त्रिवेणीगंज, जदिया और कोरियापट्टी के स्थानीय बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। त्रिवेणीगंज के स्थानीय दुकानदार बताते हैं कि ग्राहकों का उत्साह पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है। महंगाई के कारण लोग केवल अत्यंत आवश्यक वस्तुओं तक ही सीमित रह गए हैं।

आर्थिक मंदी का एक अन्य प्रमुख कारण विदेशों से आने वाली राशि में गिरावट है। जो प्रवासी मजदूर पहले त्योहारों के लिए अपने परिवारों को पैसे भेजते थे, उनकी आमदनी पर विपरीत असर पड़ा है। इसके चलते परिवारों ने बच्चों के कपड़ों और जूतों जैसी खरीदारी में कटौती कर दी है।

प्रभावित क्षेत्र मुख्य समस्या बाजार पर असर
किराना स्टोर महंगाई बिक्री में गिरावट
कपड़ा बाजार कम आय ग्राहकों की कमी
जूता-चप्पल बजट की कमी सीमित खरीदारी

गृहिणियों का कहना है कि गैस के बढ़े हुए दामों ने रसोई के अन्य सामानों की खरीद को भी सीमित कर दिया है। बच्चों की फरमाइशें पूरी करना इस बार चुनौतीपूर्ण हो गया है। दुकानदारों को हालांकि इस बात की उम्मीद है कि पर्व की अंतिम घड़ियों में ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है, लेकिन मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में बाजार का सामान्य होना मुश्किल दिख रहा है। परिवार अब सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं ताकि आने वाले महीनों में किसी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। महंगाई की इस मार ने त्योहार के आनंद को सीमित कर दिया है, जिससे हर तबका प्रभावित है।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts
Recent Posts
App Icon