खगड़िया/अंग भारत| बिहार के खगड़िया जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर धमकी भरे संदेश के मिलने के तुरंत बाद जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य किला बना दिया गया है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पूरे कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील करते हुए सघन जांच अभियान छेड़ दिया है। इस खतरे को देखते हुए कोर्ट आने वाले सभी लोगों की गहन तलाशी ली जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके। सुरक्षा के इस कड़े घेरे के बीच वकीलों, मुवक्किलों और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की पहली प्राथमिकता बन गई है।
सुरक्षा घेरा मजबूत
धमकी की सूचना प्राप्त होते ही खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राकेश कुमार ने त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। एसपी राकेश कुमार के दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए एएसपी सह सदर डीएसपी 1 मुकुल कुमार रंजन के नेतृत्व में पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। इस खोजी और सुरक्षा अभियान में टॉउन थाना अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता और चित्रगुप्त नगर थाना अध्यक्ष चंद्रकांत कुमार अपनी टीमों के साथ तुरंत व्यवहार न्यायालय परिसर पहुंचे। पुलिस बल के साथ-साथ बम निरोधक दस्ता (डॉग स्क्वायड और बम डिस्पोजल टीम) भी मौके पर पहुंच गया।
“सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। धमकी की सूचना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा कर दिया गया है। आम नागरिक पैनिक न करें, पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।” — एसपी राकेश कुमार
सुरक्षा बलों ने कोर्ट के सभी छोटे-बड़े द्वारों पर अपना कड़ा पहरा लगा दिया है। अब कोर्ट के भीतर जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कई स्तरों की सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ रहा है।
रोको-टोको अभियान
न्यायालय परिसर और उसके आसपास की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने ‘रोको-टोको अभियान’ की शुरुआत की है। इस विशेष अभियान के तहत संदिग्ध रूप से घूम रहे लोगों से पूछताछ की जा रही है और उनके वैध पहचान पत्रों की बारीकी से जांच हो रही है। कोर्ट परिसर के आसपास लावारिस हालत में खड़ी मोटरसाइकिलों और अन्य वाहनों की मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करने वाले प्रमुख अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:
| अधिकारी का नाम | पदनाम | सुरक्षा अभियान में दायित्व |
|---|---|---|
| राकेश कुमार | पुलिस अधीक्षक (एसपी) | समग्र सुरक्षा दिशा-निर्देश और निगरानी |
| मुकुल कुमार रंजन | एएसपी सह सदर डीएसपी 1 | मौके पर पुलिस टीम का नेतृत्व और समन्वय |
| राकेश कुमार गुप्ता | टॉउन थाना अध्यक्ष | कोर्ट परिसर के भीतर सघन तलाशी अभियान |
| चंद्रकांत कुमार | चित्रगुप्त नगर थाना अध्यक्ष | बाहरी सुरक्षा और बैरिकेडिंग नियंत्रण |
सुरक्षा जांच के दौरान न्यायालय में वकीलों और मुवक्किलों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ समय के लिए परिसर को खाली कराया गया। हालांकि, अदालती कामकाज में कोई बड़ी बाधा न आए, इसके लिए पुलिस ने सुरक्षा और सामान्य अदालती प्रक्रिया दोनों के बीच एक संतुलन स्थापित किया।
तकनीकी जांच शुरू
इस पूरे मामले में पुलिस केवल शारीरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उस स्रोत का पता लगाने में भी जुटी है जहां से यह धमकी दी गई थी। एसपी राकेश कुमार के अनुसार, धमकी किस माध्यम से मिली है, इसकी गहराई से पड़ताल की जा रही है। इसके लिए जिला पुलिस की विशेष तकनीकी सेल और साइबर एक्सपर्ट्स की टीम को काम पर लगाया गया है।
सुरक्षा बलों द्वारा अपनाए जा रहे कुछ मुख्य कदम नीचे दिए गए हैं:
- न्यायालय के मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर गेट लगाए गए हैं।
- परिसर के भीतर और बाहर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- सड़क किनारे लावारिस पड़ी वस्तुओं और कचरे के डिब्बों की बम निरोधक दस्ते द्वारा जांच की जा रही है।
- आने-जाने वाले वाहनों के नंबर प्लेट और चालकों के पहचान पत्रों का मिलान किया जा रहा है।
- संदिग्ध फोन कॉल्स और आईपी एड्रेस को ट्रैक करने के लिए साइबर यूनिट लगातार काम कर रही है।
इस घटना के बाद से स्थानीय वकीलों और बार एसोसिएशन ने भी पुलिस प्रशासन की इस मुस्तैदी की सराहना की है। वकीलों का कहना है कि भयमुक्त माहौल में ही न्याय की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सकती है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने कोर्ट स्टाफ और आम जनता के भीतर सुरक्षा का भाव पैदा किया है। पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और आने वाले कुछ दिनों तक कोर्ट परिसर में इसी तरह की कड़ी चौकसी जारी रखने का फैसला लिया गया है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न घट सके।








