मधेपुरा,अंग भारत। समृद्धि यात्रा के तहत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को मधेपुरा पहुंचे, जहाँ उन्होंने जिले के व्यापक विकास के लिए कई परियोजनाओं की शुरुआत की। इस दौरान उनके साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मधेपुरा एवं पूर्णिया के प्रभारी मंत्री लेसी सिह, विधान पार्षद लालन सर्राफ, विधानसभा के उपसभापति नरेंद्र नारायण यादव तथा विधायक रमेश ऋषिदेव ने मंच साझा किया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2005 के पश्चात से बिहार ने विकास की नई इबारत लिखी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में राज्य सरकार निरंतर सक्रिय है और केंद्र सरकार का सहयोग भी विकास की रफ्तार को बढ़ा रहा है।
परियोजनाओं का शुभारंभ
मधेपुरा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने आगमन के साथ ही कई सौगातों की घोषणा की। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने मधेपुरा के नए पुलिस लाइन परिसर का निरीक्षण किया और 56 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित इस भवन का विधिवत उद्घाटन किया। इसके अलावा, उन्होंने पूरे जिले के लिए कुल 216 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास योजनाओं को जनता को समर्पित किया। साथ ही, 86 करोड़ रुपये की नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।
विकास की यह यात्रा जिले के हर नागरिक तक पहुँचनी चाहिए, और इसी उद्देश्य से बुनियादी ढांचों के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
प्रमुख विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने मधेपुरा की बदलती तस्वीर के लिए कई विशेष योजनाओं का विवरण दिया। यहाँ उन प्रमुख कार्यों की सूची दी गई है जो आने वाले समय में क्षेत्र की पहचान बनेंगे:
- मुरलीगंज चौक से योगीराज तक सड़क का चौड़ीकरण।
- मधेपुरा में आधुनिक डेयरी प्लांट की स्थापना।
- प्रेक्षा भवन का निर्माण और सिहेश्वर धाम का विकास।
- चौसा में पावर ग्रिड सब-स्टेशन की स्थापना।
- चौसा एवं आलमनगर में प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण।
- विभिन्न प्रखंडों में नए अंचल और प्रखंड कार्यालयों का निर्माण।
रोजगार एवं स्वास्थ्य
महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले की 3 लाख 95 हजार महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10-10 हजार रुपये की सहायता दी गई है। अब उन्हें 2-2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देने की योजना पर कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, जिले के 162 पंचायतों में सुधा दूध बिक्री केंद्र खोले जाएंगे और दूध उत्पादक समितियों को बढ़ावा दिया जाएगा। स्वास्थ्य के मोर्चे पर मधेपुरा सदर अस्पताल को अति विशिष्ट श्रेणी का अस्पताल बनाने की घोषणा की गई। निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों पर सख्ती और निजी अस्पतालों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
राजनीतिक समीकरण
कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी संबोधित किया। उन्होंने सीता माता के भव्य मंदिर निर्माण की चर्चा की और कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार में विकास की गति कभी नहीं रुकेगी। कार्यक्रम में राज्यसभा जाने के सवाल पर जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का निजी फैसला है। उन्होंने रेखांकित किया कि नीतीश कुमार ने बीते दो दशकों तक राज्य के हित में कार्य किया है। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे और भारी जनसमूह की उपस्थिति देखी गई। युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार का लक्ष्य एक करोड़ नौकरी का है, जिसके लिए औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन और अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।








